हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ की बैठक मतियाना रेस्ट हाउस में हुई। इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष एवं चौपाल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने की। वर्मा ने मंच पर से घोषणा की थी कि ठोडा खेल में श्रेष्ठ खिलाड़ी को दो लाख रुपये, दूसरे स्थान के खिलाड़ी को एक लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को पचास हजार रुपये इनाम दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ के अध्यक्ष एवं चौपाल क्षेत्र के विधायक बलबीर सिंह वर्मा और महासचिव ओपी मेहता ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ एक स्वयंभू व्यक्तियों ने लोकप्रियता हासिल करने के चक्कर में एक तथाकथित संघ तैयार किया है, जिसे शाठी-पाशी परंपरा का कोई ज्ञान नहीं है। यह हिमाचल की पुरातन संस्कृति और समाज के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सरकार से आग्रह किया जाता है कि ऐसे फर्जी और आधारहीन स्वयंभू संघ की मान्यता तुरंत रद्द हो। प्रेस सचिव एमआर वर्मा ने कहा कि अन्यथा खूंद खशिया को सख्त कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वर्मा ने कहा है कि प्रदेश का खशिया समुदाय खुद सक्षम है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ की बैठक मतियाना रेस्ट हाउस में हुई। इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष एवं चौपाल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने की। वर्मा ने मंच पर से घोषणा की थी कि ठोडा खेल में श्रेष्ठ खिलाड़ी को दो लाख रुपये, दूसरे स्थान के खिलाड़ी को एक लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को पचास हजार रुपये इनाम दिया जाएगा। वाद्य यंत्र बजाने वाले चाहे वे करनाल, शहनाई या ढोल नगाड़े बजाने वाले हों, इन सभी को सम्मानित किया जाएगा।
संघ के महासचिव ओम प्रकाश मेहता, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी भागमल नैंटा और मझारटी ठोडा दल केप्रधान अजय श्याम ने भी ठोडा खेल से खिलवाड़ का विरोध किया। बॉक्सिंग संघ के महासचिव राजेश भंडारी भी मौजूद रहे। प्रदेश महासंघ के प्रेस सचिव एमआर वर्मा ने कहा कि यह बैठक संघ के अध्यक्ष बलबीर सिंह वर्मा और ओम प्रकाश मेहता के निर्देश पर मतियाना में रखी गई। इस महासंघ का गठन वर्ष 2012 को हुआ है जिसका आधार खूंद खशियों का ठोडा दल है। प्रदेश में कुल 44 खूंदों ने इससे संबद्धता ली है। इस सभा मे प्रताप वर्मा, जिला परिषद सदस्य प्रदीप झांगटा, रोशन ठाकु र, इंदर सिंह चौहान, राजिंदर चंदेल, मोहन ठाकुर, मोहिंद्र ठाकुर, ध्यान सिंह वर्मा, मोहन चौहान, दिनेश चौहान, सुरेश सुमन, गंगा राम, जगदीश वर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।