सीएम के गृहक्षेत्र मंडी में इस तरह की घटना से सरकारी स्कूलों में टूर्नामेंट में शिरकत करने वाले खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। शिक्षा महकमा तय नियमों को दरकिनार कर लापरवाही बरत रहा है।
अगर टूर्नामेंट में शिरकत कर रहे शिक्षक अपनी ड्यूटी को निभाते तो शायद विजय की जान बच जाती। लेकिन इसके विपरीत शिक्षा विभाग का तर्क है कि विजय बताए बिना ही चला गया और हादसा हो गया।
चौक स्कूल की टीम को लेकर आए डीपीई विक्रमादित्य ने कहा है कि वह वॉलीबाल का मैच करवा रहे थे। बच्चे बिना पूछे स्कूल से नहाने चले गए। गोहर स्कूल के प्रधानाचार्य होशियार सिंह ठाकुर ने कहा है कि खड्ड में नहाने गए छात्र बिना पूछे स्कूल से गए थे।
स्कूल प्रबंधन खेल और अन्य प्रबंधों में व्यस्त था। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने भी मौके पर घटना का जायजा लिया और छात्र की मौत मामले में उचित जांच का आश्वासन दिया।