पैट स्कैन डॉक्टर को कैंसर के लिए सबसे बेहतर इलाज का चयन करने में मदद करता है। यह भी बताता है कि उपचार कितने अच्छे से काम कर रहा है। पैट स्कैन यह देखने के लिए भी किया जा सकता है कि क्या ट्यूमर को निकालने के लिए सर्जरी की जा सकती है या नहीं। पैट स्कैन का इस्तेमाल यह देखने के लिए भी किया जाता है कि कैंसर कितना गंभीर है और क्या शरीर के अन्य भागों में भी फैल गया है।
बिलासपुर एम्स में पैट स्कैन की सुविधा छह से नौ माह में शुरू होगी। इसका कैंसर के रोगियों को बेहतर लाभ मिलेगा। प्रदेश के लोगों को पैट स्कैन कराने के लिए अभी पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता है, लेकिन अगले साल एम्स में सुविधा शुरू होने से उन्हें बाहर का रुख नहीं करना पड़ेगा। डॉ. निधि पुरी, पीआरओ एम्स