क्रिप्टोकरेंसी मामले में कई पुलिस मेडल पाने वाले भी कथित एजेंट की भूमिका में पाए गए हैं। एसआईटी (पुलिस के विशेष जांच दल) ने रविवार को जिला हमीरपुर में इस मामले में संलिप्त 25 एजेंटों के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने ठगी के मामले में संदिग्ध पाए गए इन लोगों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल समेत अन्य संपत्तियों का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया है। इनमें हमीरपुर के कुछ पुलिस जवान भी निशाने पर हैं, जो अब पदोन्नत होकर अन्य जिलों में सेवाएं दे रहे हैं। एक पुलिस जवान तो इस मोटी कमाई के चक्कर में पुलिस विभाग की नौकरी छोड़ चुका है। उसे बीते माह चंडीगढ़ पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हमीरपुर में पुलिस विभाग के विशेष विंग में सेवारत रहे पुलिस जवान और महिला कांस्टेबल के घरों पर भी एसआईटी ने जांच की है। इन मामलों में कुछ ऐसे पुलिस जवान भी शामिल हैं, जिन्हें विभाग में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में जिले के चार स्थानों पर पुलिस ने एक साथ दबिश दी। पुलिस की विशेष टीमों ने संपत्ति के दस्तावेज, हार्ड डिस्क सहित कई इलेक्ट्रॉनिक गैजट जब्त किए हैं। जिनके घरों में छापे मारे गए, उनमें वन विभाग के तीन कर्मचारी, एक अधिकारी और एक अन्य शामिल है। जानकारी के अनुसार क्रिप्टोकरेंसी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने जिला पुलिस को इन लोगों की सूचना देकर उनके ठिकानों पर छापे मारने को कहा था। इस पर एसपी कार्यालय से चार टीमों का गठन किया गया। टीमों ने रविवार सुबह 7:30 बजे एक साथ उपमंडल झंडूता के कुलज्यार और संडयार, उपमंडल सदर के तरामड़ी और पंजगाई स्थित ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान कुलज्यार स्थित एक घर से संपत्ति के दस्तावेजों की जांच कर उन्हें कब्जे में लिया गया। जबकि संडयार स्थित एक घर से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क सहित इलेक्ट्रॉनिक गैजट जब्त किए हैं। वहीं, तरामड़ी और पंजगाई में दबिश देने गई टीमों के हाथ कुछ नहीं लगा है। उधर, पुलिस प्रवक्ता एवं डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि एसआईटी की सूचना पर जिले के चार स्थानों पर रविवार सुबह दबिश दी गई। दो जगहों से संपत्ति के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजट जब्त किए हैं। जब्त किया गया सामान एसआईटी के हवाले किया जाएगा। आगामी कार्रवाई एसआईटी की ओर से ही की जाएगी।
क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी को लेकर एसआईटी ने मंडी जिले के दो स्थानों पर छापा मारा। दो लोगों के घरों में जांच-पड़ताल की। टीम ने दस्तावेज जब्त किए हैं। एसआईटी की रडार पर जिले के अन्य कई संदिग्ध भी हैं। ऐसे में यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बताया जा रहा है कि बल्ह क्षेत्र के एक गांव में एसआईटी टीम पहुंची और इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के घर में जांच की। यहां से लैपटाॅप, बैंक पासबुक और जमीनी कागजात टीम अपने साथ ले गए। इसी तरह मंडी शहर में एक ज्वेलर के यहां दबिश दी और हार्ड डिस्क व पासबुक टीम अपने साथ ले गई। इससे पहले भी स्थानीय पुलिस के सहयोग से एसआईटी ने जिले के 18 जगहों में दबिश दी थी। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए थे। संवाद
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में हाल ही में गिरफ्तार युवती सहित सात आरोपी भी करोड़ों की संपत्तियों के मालिक हैं। पुलिस एसआईटी को शंका है कि इन आरोपियों ने लोगों को ठग कर पैसा कमाया है। हालांकि पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है, लेकिन वह अपने बयान बदल रहे हैं। सुखदेव, हेमराज और सुभाष की संपत्ति सीज करने के बाद अब पुलिस एसआईटी इन सातों आरोपियों की संपत्तियों को खंगालने में जुटी है।