राजधानी में पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाना अब अनिवार्य होगा। नगर निगम ने शहर में कुत्ते पालने वाले सभी लोगों को 15 दिन के भीतर पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। पंजीकरण न करने पर इन्हें दो हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। कूड़ा शुल्क में यह जुर्माना राशि शामिल की जाएगी।
कुत्तों का पंजीकरण करवाने पर ही नगर निगम टैक्स, कूड़ा शुल्क आदि की एनओसी जारी करेगा। इसके बाद ही लोग नए भवन निर्माण और नक्शे के लिए आवेदन कर पाएंगे। इसके अलावा जो लोग कुत्ते बेचते हैं, उन्हें भी निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। नगर निगम सदन में शुक्रवार को महापौर सुरेंद्र चौहान ने शहर में लावारिस कुत्तों की वैक्सीनेशन को लेकर चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी। इस दौरान पार्षदों ने शहर में पालतू कुत्तों का मामला भी उठाया। निगम प्रशासन ने कहा कि शहर में अभी तक करीब 160 पालतू कुत्ते ही पंजीकृत हैं। इनकी संख्या 1500 से ज्यादा है लेकिन लोग पंजीकरण नहीं करवा रहे। अब इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
सदन में चार समितियों का पुनर्गठन
सदन में महापौर ने चार समितियों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इनका गठन एक साल के लिए किया गया है। महापौर की अगुवाई वाली वित्त संविदा समिति में अब पार्षद ममता चंदेल, मीना चौहान, रामरत्न वर्मा, विशाखा मोदी को शामिल किया है। साधारण कृत्यकारक समिति में पार्षद सुषमा कुठियाला, कांता सुयाल, निशा ठाकुर और अनिता शर्मा सदस्य होंगी। उपमहापौर की अगुवाई वाली सामाजिक न्याय समिति में पार्षद किरण शर्मा, बिट्टू कुमार, शांता वर्मा और सिमी नंदा को शामिल किया है। टैक्स समिति में दलीप थापा और अंकुश वर्मा सदस्य होंगे।