पायलट चरण के दौरान प्राप्त सुझावों और समस्याओं को पोर्टल में शामिल करीने के बाद अब इसे पूरी तरह से पहली सितंबर से लागू करने के निर्देश प्रदेश भर के पटवारियों को दिए गए हैं। राजस्व विभाग से जुड़े पटवारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार इस मॉडयूल को शुरू करने में बहुत जल्दबाजी कर रही है, क्योंकि प्रदेश भर के पटवारखानों में पटवारियों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कुछ माह तक उन्हें इंटरनेट खर्च दिया गया, लेकिन अब इसे भी बंद कर दिया गया है। लगभग सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं, जिसके लिए पटवारी अपने मोबाइल का प्रयोग करते हैं। पटवारघरों में ब्रॉडबैंड भी नहीं लग पाए हैं।
प्रदेश के पटवारियों को पहली सितंबर से ई-रोजनामचा और ई-कारगुजारी को ऑनलाइन दर्ज करने को कहा गया है। लेकिन पटवारघरों में आधारभूत ढांचा ही मुहैया नहीं करवाया गया है। अगर बिना किसी आधारभूत सरंचना के यह कार्य थोपा गया तो वे अपने मोबाइल फोन से किए जाने वाले अन्य कार्यों को भी ठप कर देंगे। -सतीश चौधरी, अध्यक्ष पटवार एवं कानूनगो महासंघ, हिमाचल प्रदेश