कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा
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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन पर राष्ट्रपति को न्योता न देना देश में संविधान की नींव पर हमला करना है। इसे नजरअंदाज को देखते हुए कांग्रेस व अन्य 20 सहयोगी दलों ने यह निर्णय लिया है कि वे नए संसद भवन के उद्घाटन पर नहीं जाएंगे। शनिवार को धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रपति संसद में चुना गया देश का पहला नागरिक है। ऐसे में सभी का यह दायित्व बनता है कि इस पद का सम्मान किया जाए, लेकिन इंटरनेट के माध्यम से विधानसभा भवनों के उद्घाटन में राज्यपालों को न बुलाने को लेकर कुछ फोटो प्रसारित हो रहे हैं।
राज्यपाल और राष्ट्रपति के चयन में भिन्नता है, क्योंकि राष्ट्रपति चुने हुए होते हैं और राज्यपाल केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त किए गए होते हैं। यह बात स्वीकार है कि 2014 के चुनाव के दौरान देश की जनता में कांग्रेस को लेकर नफरत एवं रोष का भाव था, इस कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं 2019 में भारत पाकिस्तान के बीच विवाद को लेकर जनता में देशभक्ति में दूसरी बार भाजपा जीत गई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा, जनता मुद्दों पर वोट देगी।
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही भाजपा की ओर से दावा किया गया था कि चीन को भारत लाल आंखें दिखाएगा। सरकार चीन को आज तक लाल आंखे नहीं दिखा पाई, बल्कि चीन के लिए रेड कारपेट जरूर बिछाती है और क्लीन चिट देती है। उन्होंने कहा कि मणिपुर जल रहा है, लेकिन पीएम मोदी का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, वह तो आस्ट्रेलिया में अपने समर्थकों को जहाज में भरकर ले जाने में मस्त हैं। 26 मई को भाजपा का नौ साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायकों को अगले एक सप्ताह तक घर घर जाकर जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने पिछले नौ सालों से जनता को गुमराह किया है।