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Shimla News: अस्पताल में दो पर्ची काउंटर कतारों में खड़े मरीज परेशान

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डीडीयू अस्पताल में हर रोज परेशानी झेल रहे मरीजों को राहत नहीं दिला रहा प्रबंधन
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हर रोज आठ सौ से अधिक मरीज आते हैं चेकअप करवाने
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में सिर्फ दो पर्ची काउंटर होने से मरीज परेशान हैं। हर रोज काउंटरों पर लंबी लाइनें लगती हैं और मरीज परेशान होते हैं। बावजूद इसके अभी तक अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त काउंटर लगाने की जहमत नहीं उठाई।

अस्पताल में हर रोज करीब 800 मरीज चेकअप करवाने के लिए आते हैं। मार्च में स्कूल, कॉलेजों के खुल जाने पर यह आंकड़ा एक हजार के पार हो जाएगा। साढ़े तीन बजे तक पर्ची काउंटर पर तैनात स्टाफ पर्ची बनाने और फीस काटने में लगा रहता है। पर्ची काउंटरों पर मरीजों को लंबी कतारों में खड़े रहकर इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ता है। सप्ताह के पहले दिन सोमवार से वीरवार तक काउंटर पर भीड़ रहती है। मरीजों की संख्या अधिक है, इसलिए इस अस्पताल में अतिरिक्त काउंटर की आवश्यकता है। अस्पताल में शहर के अलावा ऊपरी शिमला के ठियोग, शोघी, अर्की और शालाघाट तक से मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं।
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मरीज आईजीएमसी जाने से पहले डीडीयू क्षेत्रीय अस्पताल में आकर उपचार करवाते हैं। अस्पताल में आभा आईडी के माध्यम से पर्ची बनाने के पोस्टर लगाकर सुविधा जरूर शुरू की गई है, लेकिन आभा आईडी से पर्ची बनाने के बावजूद अस्पताल द्वारा ली जाने वाली पर्ची की दस रुपये फीस जमा करवाने के लिए मरीजों को उन्हीं दो काउंटर पर आना पड़ता है। इससे पर्ची काउंटर की भीड़ कम नहीं हो पाती है। पर्ची बनाने के बढ़े काम को यहां तैनात दो कर्मी ही निपटाते हैं। कतार में खड़े रोशनलाल ठाकुर ने कहा कि सुबह दस बजे से पहले वह आ गए थे फिर भी लाइन में पर्ची बनाने को इंतजार करना पड़ा। घणाहट्टी से आए विकास गुप्ता ने कहा कि यहां रोज पर्ची बनाने के लिए भीड़ लगी रहती है।
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ऑनलाइन सुविधा भी करेंगे शुरू
अस्पताल के एमएस डाॅ. लोकेंद्र शर्मा ने माना कि डीडीयू में आना लोगों को अधिक सुविधाजनक है। इस वजह से पर्ची काउंटर पर काम बढ़ा है, इसमें अतिरिक्त स्टाफ बिठाने पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। जल्द ऑनलाइन पर्ची बनवाने की सुविधा शुरू करने का प्रयास है, इससे कुछ हद तक समस्या कम होगी।
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