दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का दर्द कौन जाने? यहां सड़क न होने से हर दिन लोगों की अग्निपरीक्षा होती है। अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाते तो उसे चारपाई पर अस्पताल तक ले जाना पड़ता है। जी हां, ऐसा ही हाल है जिला कुल्लू के सबसे दुर्गम क्षेत्र सैंज घाटी के कुंजर-मझाण और खडंगचा गांव का।
यह गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। आजादी के इतने दशकों के बाद यहां के लोग अभी तक बिजली सुविधा से भी वंचित हैं। इसी इलाके में बड़े-बड़े बिजली प्रोजेक्ट हैं। मंत्री और राजनेताओं की भी क्षेत्र में कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद भी लोग सुविधा से कोसों दूर है। लिहाजा, यहां के लोग आज दिन तक राजनीति का शिकार होते आ रहे हैं। अभी तक इन गांवों के लोगों को चारपाई का सहारा लेकर मरीजों को सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है।
प्रतिनिधि खामोश, लोगों में गुस्सा- शनिवार को भी खतरनाक रास्ते से होकर उक्त गांवों के लोगों ने इसी तरह से एक मरीज को उपचार के लिए लाया। लोग सड़क की मांग को लेकर जनप्रतिनिधि भी खामोश हैं। वहीं, नवनियुक्त बीडीसी सदस्य प्रतिभा ने बताया कि इस समस्या को लेकर वह आयुर्वेद मंत्री से भी मिलेगीं।