बाबा रामदेव के लिए राहत की खबर है। हिमाचल के तीन जिलों में लिए गए पतंजलि के फूड प्रोडक्ट सैंपल लैब टेस्ट में पास हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से नवंबर और दिसंबर में प्रदेश के तीन जिलों से भरे गए बाबा रामदेव के पतंजलि आटा नूडल्स, देसी घी, नमक, बिस्कुट और मसालों के सैंपल पास हो गए हैं।
21 दिसंबर, 2015 को फूड सेफ्टी ऑफिसर सतीश ठाकुर की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पतंजलि के ऊना स्थित थोक स्टोर में नूडल्स, देसी घी और नमक के सैंपल भरे थे। इन्हें सोलन जिला के कंडाघाट स्थित लैब में परीक्षण के लिए भेजा था। हाल ही में कंडाघाट लैब से मिली रिपोर्ट में पतंजलि के तमाम उत्पादों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बताया गया है।
पिछले साल मैगी पर उठे विवाद के बाद बाबा रामदेव की ओर से लांच किए गए आटा नूडल्स को लेकर भी कई चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने पतंजलि के आटा नूडल्स के साथ कई और उत्पादों के भी सैंपल भरकर उन्हें कंडाघाट स्थित लैब में जांच को भेजा था। लैब से मिली रिपोर्ट के बाद अब तमाम चर्चाओं पर विराम लग गया है।
उधर, फूड सेफ्टी ऑफिसर सतीश ठाकुर ने बताया कि पतंजलि आटा नूडल्स को लेकर चल रहे विवाद के कारण स्वास्थ्य विभाग ने इनकी गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल भरने का फैसला लिया था। विभागीय टीम ने ऊना, सोलन और सिरमौर स्थित पतंजलि के गोदामों में छापामारी कर हर जिले से करीब 3-3 सैंपल भरे थे। कंडाघाट लैब में परीक्षण के बाद सैंपल पास हो गए हैं।