बिलिंग से आठ दिन पहले सोमवार को फ्री फ्लायर के तौर पर उड़ान भरने वाले पॉलैंड के 70 वर्षीय पायलट कुलाविक के शव को सोमवार को भी गहरी खाई से नहीं निकाला जा सका। रविवार को पहाड़ियों पर छोड़े रेस्क्यू टीम के सदस्यों को भी वापस बुला लिया है, क्योंकि शव बहुत ही गहराई में है।
अब शव को निकालने के लिए भारतीय सेना की मदद ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि पॉलैंड के पायलट ने बीते सोमवार को बिलिंग से उड़ान भरी थी और धर्मशाला जाते समय रास्ता भटकने के कारण से त्रियुंड की ऊपर की पहाड़ियों पर गिर गया था। त्रियुंड के ऊपर स्थित इन पहाड़ियों में बर्फ होने के कारण माइनस डिग्री तापमान है और इस स्थान पर पहुंचना बहुत कठिन है।
रविवार को बचाव दल के दो युवकों को इस स्थान पर उतारा गया था और सोमवार को इन दो युवकों को लिफ्ट कर लिया गया। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर नीचे से जाने के लिए किसी भी प्रकार का कोई रास्ता नहीं है और 12000 फीट पर स्थित जगह पर बर्फबारी और मौसम अनुकूल नहीं है।
अब तक निजी कंपनी के दो हेलीकॉप्टरों के अतिरिक्त वायु सेना और एनडीआरएफ की टीम का भी सहयोग लिया गया है, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है। अब भारतीय सेना की मदद से शव को बाहर लाने का प्रयास किया जाएगा। एडीएम रोहित राठौर ने बताया कि पायलट तक पहुंचाने के प्रयास किया जा रहे हैं।