चोल्टू नृत्य व पारंपरिक वाद्ययंत्र प्रस्तुति।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर ओपन थियेटर में भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से राज्य स्तरीय पहाड़ी भाषा दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के छह दलों के 100 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया। इस दौरान कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति दी। इसे देखने के लिए वहां पर हज़ारों लोग इकट्ठा हो गए। इसमें जय देवता मानणेश्वर दल का चोल्टू नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें पहाड़ी कलाकारों ने पगड़ी के साथ पारंपरिक वेशभूषा पहनकर नृत्य करके दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
शिमला के जय विजट महाराज कला एवं सांस्कृतिक मंच शाकवी ने लोक वाद्य, चंबा का मुसादा गायन दल और अंजनी माता कला मंच तरैला ने चुराही लोक नृत्य, शिमला के पूजा कला मंच ने करियाला लोकनाट्य, संगीत सदन मंडी ने नागरी लोकनृत्य और सिरमौर के हारूल झनकार सांस्कृतिक दल कफोटा ने हारूल लोक गायन की प्रस्तुतियां दीं। पहाड़ी दिवस समारोह की जानकारी देते हुए भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ़ पंकज ललित ने बताया कि विभाग हर वर्ष एक नवंबर को पहाड़ी दिवस मनाता है। इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक मनजीत शर्मा, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, सहायक निदेशक अलका, कुसुम, सुरेश राणा और सरोजना नरवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।