हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की पंचायत गुम्मर के फैसले से अब ऐसे लोगों को जरूर सबक मिलेगा, जो पशुओं को लावारिस छोड़ रहे हैं। जी हां, एक परिवार को एक बैल को रात के अंधेरे में गुम्मर पंचायत में छोड़ दिया। खुलासा हुआ तो पंचायत ने सजा के तौर पर अब परिवार को छोड़े गए बैल के साथ-साथ दो अन्य पशुओं की देखभाल करने का जिम्मा भी सौंप दिया है।
यह फैसला गुम्मर पंचायत प्रधान रामलोक धनोटिया और सदस्यों ने सुनाया है। गुम्मर पंचायत में 27 जुलाई को दूसरी पंचायत भाटी बोहन के दो भाइयों ने रात के अंधेरे में एक बैल को गुम्मर पंचायत में छोड़ दिया। पंचायत में आवारा पशु को देख कर पंचायत ने पशु को बेसहारा छोड़ने वाले परिवार का सुराग ढूंढ निकाला।