यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसके तहत किसी महिला के गर्भधारण करने के 150 दिन के भीतर आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण कराने पर एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। एक प्रसव पूर्व जांच कराने के उपरांत गर्भवती को दो हजार रुपये दिए जाते हैं।
जबकि संस्थागत प्रसव कराने के उपरांत प्रसूता को दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस प्रकार पीएमएमवीवाई के तहत प्रत्येक गर्भवती को कुल मिलाकर पांच हजार रुपये की सहायता दी जाती है, लेकिन जागरूकता के अभाव में ज्यादा महिलाएं योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।
केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक योजना के तहत पूरे देश में अब तक 46.88 लाख महिलाओं का पंजीकरण कराया गया है जबकि 36.83 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल पाया है।