एमसी आयुक्त कोर्ट में टुटू, संजौली और न्यू शिमला में अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ फैसला
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कनलोग और कैथू में बनाए ढारे भी हटाने होंगे अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में अवैध निर्माण करने वालों पर नगर निगम ने सख्ती कर दी है। शहर के दो भवनों में अवैध रूप से बनाए एटिक और एक भवन की बालकनी को तोड़ने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पांच अवैध ढारों को भी तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री के कोर्ट में शनिवार को शहर में अवैध निर्माण से जुड़े 70 मामलों पर सुनवाई हुई। इस दौरान पांच मामलों में आदेश जारी किए गए। इनमें संजौली में एक भवन मालिक ने एटिक में बिना अनुमति कमरा बना दिया था। वहीं टुटू में भी भवन मालिक ने बिना अनुमति एटिक का निर्माण कर दिया था। न्यू शिमला में भवन मालिक ने बिना अनुमति बालकनी बना दी थी। इन तीनों को बिना अनुमति किए निर्माण को हटाने के आदेश जारी किए हैं। कैथू में एक, कनलोग क्षेत्र में अवैध रूप से बने चार ढारों को हटाने के आदेश जारी हुए हैं। कोर्ट में बाकी मामलों पर भी सुनवाई हुई है। इनमें कई मामलों पर अगले हफ्ते फैसला होगा।
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नगर निगम प्रशासन के अनुसार शिमला शहर में बिना अनुमति निर्माण करने वालों पर सख्ती की जा रही है। लोगों को नए निर्माण के लिए नगर निगम से मंजूरी लेनी होगी। कई लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में निगम को सख्त आदेश जारी करने पड़ रहे हैं।
ईदगाह में तोड़ा था अवैध निर्माण नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को भी ईदगाह क्षेत्र में टीन से बनाए तीन शेड तोड़े थे। चुनाव के दौरान भी अवैध निर्माण करने वालों पर नजर रहेगी। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री का कहना है कि कुल 70 मामलों पर सुनवाई हुई है। इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।