चंबा आयोग के फैसले को रखा बरकरार
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग चंबा का आदेश बरकरार रखा है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता ने आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 3,87,034 रुपये (मुआवजा) की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित शिकायत की तिथि (22 मार्च 2022) से भुगतान करें। इसके अलावा शिकायतकर्ता को 25,000 रुपये का मानसिक पीड़ा तथा 7,500 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में देने का आदेश भी यथावत रखा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी यह साबित करने में विफल रही है कि दुर्घटनाग्रस्त जेसीबी वही वाहन नहीं था जिसका बीमा किया था।
शिकायतकर्ता साहब सिंह ठाकुर ने जेसीबी का बीमा कंपनी से बीमा करवाया था। यह पॉलिसी 1 अगस्त 2021 से 31 जुलाई 2022 तक वैध थी। बीमा अवधि के दौरान 8 अगस्त 2021 को जेसीबी बैरागढ़ नाला, तहसील चुराह (जिला चंबा) में भूस्खलन की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गई थी। बीमा कंपनी ने दावा अस्वीकार करते हुए यह आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन वह नहीं है जिसका बीमा किया था। साथ ही दुर्घटना के समय चालक घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। हालांकि आयोग ने अभिलेखों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कहा कि पुलिस रिकॉर्ड, सर्वेयर रिपोर्ट और चालक रवि कुमार के बयान से स्पष्ट है कि दुर्घटना के समय वही व्यक्ति जेसीबी चला रहा था। बीमा अनुबंध और विभागीय प्रमाणपत्र से यह साबित होता है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन वही था जिसका बीमा किया था। आयोग ने माना कि सेवा में कमी के आरोप से कंपनी बच नहीं सकती।