बजट भाषण में सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया। सीएम की ओर से दिए जा रहे बजट भाषण चर्चा के जवाब में भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं को महंगे दामों पर मिल रहे सीएलएफ बल्ब का मामला उठाया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि एक एक विधायकों के प्रश्न का उतर दिया जाएगा लेकिन विपक्ष उपभोक्ताओं को मंहगे दिए जा रहे सीएलएफ बल्ब पर अड़ा रहा। सरकार की ओर से संतोष जनक जवाब न मिलने पर भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करके सदन का वाकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा विधायकों पहले से ही वाकआउट करना तय था। लेकिन विधायकों ने वाकआउट के लिए जो मुद्दा चुना वह ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि वाक आउट सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ हुआ है। केंद्र सरकार की एजैंसी लोगों को बल्ब उपलब्ध करा रही है। इसके रेट भी एजैंसी ने तय किए हैं।
धूमल बोले, 63 यूनिट बंद के तथ्य नहीं रखे सामने- धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में सामान्य चर्चा के दौरान मालवा काटन उद्योग बंद नही हुआ बल्कि कंपनी एक और यूनिट लगा रही है। यह उद्योग प्रतियोगिता होने व घाटे के चलते बंद हुआ है। उन्होंने कहा कि परवाणू में बंद हुए 63 यूनिटों के बारे में भी सदन में तथ्य नहीं रखे गए।