आईजीएमसी अस्पताल में आपरेशन महंगे होने जा रहे हैं। इसका प्रस्ताव तैयार कर प्रबंधन ने राज्य सरकार को सौंप दिया है। अस्पताल की डांबाडोल हो रही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के नजरिए से प्रबंधन आपरेशन फीस बढ़ाने को कह रहा है।
इससे पहले प्रबंधन स्वास्थ्य टेस्ट और स्पेशल वार्ड की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भी सरकार को भेज चुका है। सूत्र बताते हैं की आपरेशन शुल्क दोगुने होंगे। उदाहरण के लिए अभी ओपन हार्ट सर्जरी की आपरेशन फीस पांच सौ रुपये है इसे एक हजार करने की मंजूरी मांगी है।
अस्पताल में रोजाना औसतन 40 से 50 आपरेशन होते हैं। आपरेशन फीस नाममात्र है। स्वास्थ्य बीमा कार्ड, बीपीएल और आईआरडीपी परिवार से संबंध रखने वाले मरीजों का आपरेशन निशुल्क किया जाता है लेकिन सामान्य श्रेणी के मरीजों से फीस ली जाती है।
प्रबंधन का दावा है कि मरीज को बढ़ी दरें चुकाने में कोई परेशानी नहीं है। अधिकांश मरीजों की मेडिकल रिवसमेंट होती है। उन्हें इलाज पर हुआ सारा खर्च बिल के आधार पर लौटा दिया जाता है। सरकारी कर्मचारियों को भी इसमें कोई झंझट नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने बिगड़ती आर्थिक स्थिति का रोना सरकार के समक्ष रोया।
दावा किया कि साल 2009 के बाद आईजीएमसी में किसी भी तरह की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। बढ़ती महंगाई के आगे खर्चों को वहन करना अब उनके बूते से बाहर है। इस पर सरकार की ओर से उन्हें बढ़ी दरों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। आपरेशन फीस की दरों को बढ़ाना भी इसी कड़ी में हैं।