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Shimla News: सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में ओपन हार्ट सर्जरी बंद

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ब्लक बैंक न होने से चिकित्सक नहीं ले रहे बड़े ऑपरेशन करने का जोखिम, ढाई माह से ऑपरेशन नहीं होने से मरीज परेशान
दिल के छोटे ऑपरेशन ही कर पा रहे हैं डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में ब्लड बैंक न होने से सीटीवीएस (कार्डियोथैरेसिक एंड वस्कुलर सर्जरी) विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी नहीं हो रही।

अस्पताल में सिर्फ नॉन काॅर्डियक यानि ओपन हार्ट सर्जरी के अलावा ऑपरेशन हो रहे हैं। आईजीएमसी से विभाग के शिफ्ट होने के बाद दोनों ही अस्पतालों में ओपन हार्ट सर्जरी बंद है। ढाई माह से ओपन हार्ट सर्जरी के मरीज परेशान हैं। इससे दो माह की रहने वाली वेटिंग अब चार माह तक पहुंच गई है। गंभीर मरीजों को भी दवाओं के सहारे उपचार करने का विकल्प दिया जा रहा है। ओपन हार्ट सर्जरी के मामले चंडीगढ़ पीजीआई जैसे बड़े संस्थानों में ही भेजने पड़ रहे हैं।
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दिल की मेजर ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अस्पताल का अपना ब्लड बैंक होना जरूरी है। हार्ट से जुड़ी मुख्य खून की नलियों को ऑपरेट करते हुए खून का रिसाव होने, ऑपरेशन के बाद होने वाली लीकेज या अन्य जटिलताओं पर तुरंत खून की जरूरत रहती है। चमियाना अस्पताल में अभी तक सिर्फ ब्लड स्टोरेज यूनिट है। इसमें इमरजेंसी में रक्त की आवश्यकता पड़ने या मरीज को चढ़ाने से पूर्व आवश्यक टेस्टिंग तथा तैयार करने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में ओपन हार्ट जैसी सर्जरी के दौरान दस से पंद्रह किलोमीटर दूर और ट्रैफिक की रहने वाली समस्या के चलते आईजीएमसी के ब्लड बैंक पर निर्भर रहना संभव नहीं है। यह मरीज की जिंदगी और सर्जरी के लिए जोखिम वाला कार्य है। चमियाना में शिफ्ट हुए सीटीवीएस विभाग के सर्जन अभी ऐसे बड़े ऑपरेशन करने का जाेखिम नहीं ले रहे हैं। इमरजेंसी में आने वाले सड़क हादसों के नसों के कट जाने जैसे ऑपरेशन सीटीवीएस के चिकित्सक आईजीएमसी में ही कर रहे हैं।

यह ऑपरेशन हैं बंद
चमियाना में दिल से जुड़ी ओपन हार्ट सर्जरी में वॉल्व की रिप्लेंसमेंट, बच्चों में जन्मजात हार्ट की जटिल समस्याओं, बाई पास सर्जरी और हार्ट की मुख्य नसों की ब्लॉकेज को खोलने के ऑपरेशन नहीं हो रहे। ओपन हार्ट सर्जरी का पूरा सेटअप चमियाना शिफ्ट हो चुका है, लेकिन ब्लड बैंक की सुविधा न होने से सर्जरी करना संभव नहीं। इससे दर्जनों केस पेंडिंग चल रहे हैं। इन मरीजों को दवाएं देकर उपचार करने का प्रयास किया जा रहा है।


खून की नसों से निकाली रसौली चमियाना में सीटीवीएस विभाग के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए ऑपरेशन थियेटर में वीरवार को पहला और अस्पताल में आने के बाद चौथा ऑपरेशन किया गया है। इसमें मरीज के दिल से दिमाग की ओर से जानी वाली खून की नसों को रोकने वाली रसौली को निकाला गया। यह दिमाग को जोड़ने वाली नसों का मामला था, इसलिए सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष डाॅ. सुधीर मेहता, सहायक आचार्य डॉ. सुरेंद्र, कार्डियक एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डाॅ. यशवंत और डाॅ. कमल ने इस ऑपरेशन को किया। डाॅ. सुधीर मेहता ने बताया कि मरीज की दिमाग की ओर जाने वाली खून की नसों के आस पास गर्दन में रसौली थी उसे निकाला गया है।
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हिमानी और राम लाल को नहीं मिली डेट
शिमला। चंबा की ढाई साल की बच्ची हिमानी का हार्ट का ऑपरेशन होना है लेकिन उसे ऑपरेशन की डेट नहीं मिल रही है। इनके पिता सुनील कुमार ने बताया कि टांडा से चमियाना आए तो यहां बच्ची के ऑपरेशन के लिए बोला गया है। चिकित्सकों ने बुधवार तक उसे ऑपरेशन की डेट देने को लेकर कॉल करने को कहा है। वहीं किन्नौर के राम लाल नेगी (56) भी अस्पताल में दाखिल हैं, जिनका वॉल्व बदला जाना है। नेगी ने बताया कि अभी तक चिकित्सकों ने ऑपरेशन की डेट नहीं दी है।


अस्पताल में है ब्लड स्टोरेज यूनिट
चमियाना अस्पताल के एमएस डाॅ. सुधीर शर्मा ने कहा कि सर्जरी के लिए अस्पताल में ब्लड की तीन सौ स्टोरेज यूनिट है लेकिन ब्लड बैंक नहीं है। ब्लड बैंक बन रहा है। इसके लिए लाइसेंस लेने की प्रक्रिया भी पूरी की जानी है। बैंक होने पर ही इमरजेंसी में रक्त की अधिक जरूरत पड़ने पर डोनर का ब्लड लेकर उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए तय मानकों के अनुरूप ब्लड बैंक होना चाहिए।

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