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घाटे में चल रहे बीएसएनएल का एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र बंद

Wed, 24 Jun 2020 10:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सुंदरनगर(मंडी)
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बीएसएनएल का ट्रेनिंंग सेंटर बंद - फोटो : अमर उजाला
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घाटे के दौर से गुजर रहे बीएसएनएल का असर हिमाचल के एकमात्र ट्रेनिंग सेंटर पर भी पड़ा है। सुंदरनगर में स्थापित भारत संचार निगम लिमिटेड के ट्रेनिंग सेंटर पर ताला लग गया है। करीब 26 वर्षों से चलाए जा रहे इस ट्रेनिंग सेंटर में अब बीएसएनएल कर्मियों को ट्रेनिंग की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके लिए अब उन्हें हिमाचल से बाहर जयपुर, राजपुरा और जबलपुर जाना होगा। ट्रेनिंग सेंटर बंद होने के कारण बीएसएनएल पर पड़ रहे अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करना बताया जा रहा है। 

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यह ट्रेनिंग सेंटर पूर्व संचार मंत्री सुखराम ने अपने कार्यकाल के दौरान खोला था। सेंटर में बीएसएनएल के कर्मचारियों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाता था। अब खाली पड़े ट्रेनिंग सेंटर के भवन को किसी सरकारी या गैर सरकारी कंपनी को किराये पर देने की बात की जा रही है। 26 वर्षों की इस अवधि में ट्रेनिंग सेंटर में हिमाचल के साथ ही बाहरी राज्यों से भी कई कर्मचारी यहां पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अब बीएसएनएल के कर्मचारियों को यह सुविधा हिमाचल में नहीं मिल पाएगी।

बीएसएनएल के इस ट्रेनिंग सेंटर को मंजूरी मिले के बाद 1994 में बीएसएल कालोनी में स्थापित में किराये के भवन में स्थापित किया गया था। 2001 में रोपा स्थित दूरभाष केंद्र के साथ बने भवन में इसे शिफ्ट कर दिया गया। सेंटर को बंद करने का फैसला मार्च माह से पहले ही हो गया था। लेकिन लॉकडाउन के कारण विभागीय औपचारिकताएं पूरी न हो सकी थी। बीएसएनएल के महाप्रबंधक बलविंद्र कुमार ने ट्रेनिंग सेंटर बंद करने की पुष्टि करते हुए कहा अब इस ट्रेनिंग सेंटर की जरुरत नहीं है। ट्रेनिंग के लिए कर्मचारियो को जयपुर, राजपुरा और जबलपुर में ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है। 
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वित्तीय संकट में 85 हजार कर्मियों को दी गई वीआरएस
घाटे में चल रहे बीएसएनएल में कार्यरत करीब 85 हजार कर्मचारियों को जनवरी 2020 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी गई है। हिमाचल में बीआरएस लेने वाले कर्मचारियों की संख्या 12 हजार के करीब है। बीएसएनएल में अतिरिक्त खर्चों को कम करने के लिए कर्मचारियों को वीआरएस दी गई। 

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