लोस चुनाव में सरकार के काम का पहला इम्तिहान
वर्ष 2024 में होने जा रहा लोकसभा चुनाव मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के एक साल के कामों का पहला इम्तिहान होगा। चार राज्यों में कांग्रेस को मिली हार के बाद अब मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए केंद्रीय नेतृत्व की झोली में सीटें डालने का दबाव रहेगा। उत्तर भारत में सुक्खू ही कांग्रेस के अकेले मुख्यमंत्री हैं, ऐसे में उनसे अपेक्षाएं और ज्यादा रहेंगी। मंत्रिमंडल विस्तार के अलावा निगमों-बोर्डों में ताजपोशी से उन्हें संतुलन साधना होगा ताकि अपनी ही पार्टी के नेताओं से उन्हें लोकसभा चुनाव में कोई नुकसान न हो।
हालांकि, सुक्खू के पास संगठन का बड़ा तुजुर्बा है। हिमाचल में लोकसभा चुनाव दिलचस्प होने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी देश में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में उतरेगी, वहीं, कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तिलिस्म को भेदने की कोशिश करेगी। हिमाचल में लोकसभा की कुल चार सीटें हैं। इनमें तीन सामान्य वर्ग, जबकि एक सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए है। मौजूदा समय में तीन सीटें भाजपा के पास हैं, मंडी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह काबिज हैं। भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों के चेहरों से धुंध छंटना अभी बाकी है।