हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में रेलवे लाइन में आने वाली जमीन के मालिक कम मुआवजा मिलने से नाराज हैं। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने रेलवे लाइन के काम को शुरू नहीं होने दिया। सुबह के समय ग्रामीण सैंडोली में पहुंचे और काम को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे जल्द भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
नंबरदार चरणदास, पूर्व प्रधान रामेश्वर दास, लाभ सिंह, गुरचरण सिंह, कालू राम, गुरदयाल सिंह, जसवंत सिंह, गुरदेव सिंह, अजमेर सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह और भगवान सिंह आदि ने कहा कि सोमवार को भी काम रोका था लेकिन न तो प्रशासन का कोई अधिकारी उनसे मिलने पहुंचा और न ही रेलवे का। प्रशासन ने उनके साथ अन्याय किया है।
उन्होंने कहा कि एक साथ लगते खेतों का अलग-अलग मुआवजा दिया गया है। पांच गांवों के लोगों को कई गुना कम मुआवजा मिला है। एक व्यक्ति को सात लाख रुपये तो साथ लगती जमीन के मालिक को 45 लाख रुपये मुआवजा दिया गया। कुछ जगह इससे बढ़कर भी मुआवजा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा हुआ है।
उन्होंने कहा कि हरिपुर संडोली, खंडोली, बिलांवाली गुज्जरा, बद्दी, केन्दूवाला, कल्याणपुर चक्क जंगी, शीतलपुर व लण्डेवाल गांव की भूमि का रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहण किया गया था लेकिन हरिपुर सैंडोली, तलाब वाली सैंडोली, निचली सैंडोली, केंदूवाला व कल्याणपुर गांव के किसानों को अन्य लोगों की अपेक्षा कम मुआवजा मिला है।
वहीं, रेलवे लाइन का निर्माण कार्य करवा रहे ठेकेदार ने भी ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलता धरना जारी रहेगा। उधर, उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंघल ने कहा कि ग्रामीणों की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। रेलवे लाइन के निर्माण कार्य को जारी रहने दें।