रैपिड रिस्पांस टीम में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर यशवंत रांटा, आईजीएमसी शिमला के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर किरण मोकटा, आईजीएमसी शिमला के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन से डॉक्टर अनुराग पट्टी तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के लैब तकनीशियन परीक्षित ने सिविल अस्पताल टौणी देवी पीएचसी उहल, उटपुर बारी मंदिर छत्रैहल और गवारडू पहुंचे। टीम ने लोगों से बातचीत की और तथ्य जुटाए। कई जगह से पानी के सैंपल एकत्र कर शिमला भिजवाए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता भी टीम के साथ दिनभर स्क्रीनिंग कार्य में जुटे रहे।
स्वास्थ्य विभाग के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी
क्षेत्र से जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी चार सैंपल लिए हैं जिनकी रिपोर्ट आना अभी शेष है। ऐसे में अब रिपोर्ट आने पर ही साफ हो पाएगा कि क्षेत्र में डायरिया किन वजहों से फैला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा था। जल शक्ति विभाग का दावा है कि उनके सैंपल पूरी तरह से ठीक हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि क्या कारण हैं।
जल शक्ति विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता संजय ठाकुर ने कहा कि जल शक्ति विभाग ने 12 पानी के सैंपल लिए थे और सभी सैंपल ठीक पाए गए हैं। लेकिन खातरियों व बावड़ियों की पानी की गुणवत्ता मानकों में सही नहीं है। ऐसे में लोगों को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग खातरियों व बावड़ियों के पानी को बिना उबाले प्रयोग न करें। सभी पेयजल टैंकों को साफ कर दिया गया है।