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छात्र निष्कासन मामला: एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह बोले- सड़क से सचिवालय तक होगा आंदोलन

Thu, 13 Jan 2022 06:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एनएसयूआई के तीन छात्र नेताओं के निष्कासन पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा प्रदेश विवि प्रशासन निष्कासन को तुरंत वापस ले। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। छात्र हितों के लिए विवि प्रशासन किसी आंदोलन के लिए प्रेरित न करे।
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राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एनएसयूआई के तीन छात्र नेताओं के निष्कासन के खिलाफ मुखर छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुलपति के तानाशाही फरमान के खिलाफ कोर्ट जाने का एलान किया है। एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर और निष्कासित छात्र नेताओं ने गुरुवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता की। इसमें एलान किया कि सड़क से सचिवालय तक आंदोलन होगा। चौराहों पर पुतले जलाए जाएंगे।

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छत्तर सिंह ने कहा कि कांग्रेस की चार्जशीट में विवि में कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के कार्यकाल में हुई विवादित भर्तियों, कुलपति की अपनी नियुक्ति सहित लाडलों को बिना पात्रता पीएचडी में प्रवेश जैसे मुद्दे शामिल किए जाएंगे। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने पर इन मामलों की जांच करवाई जाएगी। कहा कि विवि में हथियारों के साथ लड़ाई करने वालों छात्र संगठन कार्यकर्ताओं के खिलाफ विवि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, मगर शांतिपूर्ण ढंग से पुस्तकालय और छात्रावासों को खुला रखने की मांग करने गए एनएसयूआई नेताओं का निष्कासन किया है। 

निष्कासित छात्र नेता प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता, यासीन भट्ट और प्रवीण मिन्हास ने कहा कि दस जनवरी को पुस्तकालय खुलवाने की मांग पर भारी संख्या में छात्र दो घंटे तक कुलपति का इंतजार करते रहे, जब उन्हें नहीं मिलने दिया गया तो वे और एनएसयूआई के अन्य साथी छह घंटे तक कुलपति कार्यालय में इंतजार करते रहे, कुलपति जब बाहर निकले तो उन्होंने पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को आगे कर बात सुनने की जगह उन्हें बाहर निकालने को कहा। जबरन बाहर खदेड़ा गया। 
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निष्कासन रद्द नहीं हुआ तो चुप नहीं बैठेगी कांग्रेस : राठौर 
एनएसयूआई के तीन छात्र नेताओं के निष्कासन पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा प्रदेश विवि प्रशासन निष्कासन को तुरंत वापस ले। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। छात्र हितों के लिए विवि प्रशासन किसी आंदोलन के लिए प्रेरित न करे। उन्होंने कुलपति के फैसले को भाजपा के दबाव में लिया निर्णय करार दिया। आरोप लगाया कि कुलपति भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं। कहा कि पुस्तकालय और छात्रावास खुला रखने की मांग कार्यकर्ता कुलपति से उठा रहे थे। उनकी मांग को न सुनकर कुलपति ने तानाशाह की तरह उनके निष्कासन का निर्णय लिया हैै। इस निष्कासन को तुरंत वापस लिया जाए।

आम छात्रों के लिए पुस्तकालय और छात्रावास खोले जाएं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कहा कि कांग्रेस चार्जशीट तैयार कर रही है। विश्वविद्यालय में भाजपा सरकार और वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में घोटाले हुए हैं। इसके तथ्यों को जुटाकर चार्जशीट कमेटी विवि से जुड़े मुद्दों को उसमें शामिल करेगी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर उसकी जांच की जाएगी।

सोशल मीडिया पर छाया छात्रों के निष्कासन का मामला
मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय में धरना देने पर एनएसयूआई के तीन छात्र नेताओं के निष्कासन के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। तीनों छात्रों के निष्कासन को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू और कांग्रेस महासचिव एवं शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने विवि को घेरा। 
सुक्खू ने छात्रों के प्रति इस तरह के रवैये पर सवाल उठाते हुए निष्कासन को वापस लेने के लिए कहा है। विधायक विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पोस्ट पर निष्कासन की विवि की कार्रवाई को एकतरफा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों की मांगों को उठाने वाले एनएसयूआई के छात्र नेताओं को बिना किसी कारण बताओ नोटिस एचपीयू से निष्कासित कर दिया गया। कांग्रेस इन छात्र नेताओं के साथ  खड़ी है। उन्होंने कहा कि विवि का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।  

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