हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की दुर्गम बड़ा भंगाल पंचायत में अंधेरे की गुलामी से आजाद होने जा रहा है। अब लोगों के घरों रात को केरोसिन तेल के लैंप नहीं जलेंगे। सोलर पैनल लाइटों की दूधिया रोशनी से पंचायत जगमगाएगी। करीब दस साल पंचायत के बाशिंदे लैंप की रोशनी में रात काटने को मजबूर हैं। इनके बिजली के उपकरण शोपीस बने हुए हैं। प्र्रशासन ने यह पहल की है। हिम ऊर्जा के सौजन्य से पंचायत में 169 सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सोलर पैनल की देखरेख का जिम्मा आगामी पांच वर्षों तक स्थापित करने वाले प्रतिनिधि पर रहेगा।
एक सोलर पैनल की कीमत 32 हजार के करीब है। दुर्गम पंचायत में सोलर पैनल लगवाने की इस मुहिम में एसडीएम सलीम आजम के प्रयास सराहनीय रहे हैं। एसडीएम सलीम आजम सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा भंगाल पहुंचे थे। प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम के दौरान उन्हें बड़ा भंगाल में बिजली की समस्या की शिकायत मिली थी। एसडीएम ने समस्या उपायुक्त के सामने रखे। जिला प्रशासन के आग्रह पर प्रदेश सरकार ने दुर्गम पंचायत में सोलर पैनल के लिए सहयोग करने का निर्णय लिया।
हाइड्रो प्रोजेक्ट से होती थी पहले बिजली की आपूर्ति
बड़ा भंगाल में करीब बीस पहले एक हाइड्रो प्रोजेक्ट क्रियान्वित था। यहां से लोगों को बिजली की आपूर्ति होती थी। तकनीकी खराबी के कारण बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। बड़ा भंगाल में वर्तमान में चार दर्जन लोग रह रहे हैं। इसके अलावा जब बर्फबारी नहीं होती है तो कई लोग यहां वापस आते हैं। अप्रैल माह से लेकर सितंबर तक इस पंचायत में 500 लोग रहते हैं और सरकारी विभागों के साथ-साथ मिडल तक के बच्चों की पढ़ाई भी होती है। एसडीएम सलीम आजम ने बताया कि बुधवार को हेलीकॉप्टर से सोलर पैनल को बड़ा भंगाल भेजा जाना था, लेकिन हेलीकॉप्टर के न आने पर अब तीन-चार दिन में इन सोलर पैनल को बड़ा भंगाल भेजा जाएगा।