युवाओं को घातक बीमारियों से बचाने के लिए 19 साल की उम्र में मेडिकल स्क्रीनिंग जरूरी होने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को हिमाचल के मंडी जिला के नेरचौक में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में पीसीवी वैक्सीन का शुभारंभ करते हुए कहा कि मेडिकल स्क्रीनिंग से रक्तचाप, शूगर, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर जैसी बीमारियां युवावस्था में ही पकड़ में आ सकेंगी।
सरकार हर युवा की मुफ्त स्वास्थ्य जांच करवाएगी। यूनिवर्सल स्क्रीनिंग योजना के तहत हिमाचल समेत देश के 100 जिलों में इसका ट्रायल किया जाएगा। योजना सफल रही तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। नड्डा ने कहा कि पीसीवी वैक्सीन की शुरुआत हिमाचल से हुई है। केंद्र सरकार प्रत्येक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में फ्री ड्रग्स एंड डायग्नोस्टिक सेंटर खोल रही है।
इसमें सब सेंटर के स्तर पर 9 तरह के टेस्ट और 50 तरह की दवाएं रोगियों को मुफ्त मिलेंगी। पीएचसी स्तर पर 13 टेस्ट और 100 दवाएं, सीएचसी स्तर पर 50 टेस्ट और 250 दवाएं एवं जिला अस्पताल स्तर पर 70 टेस्ट और 600 दवाएं रोगियों को मुफ्त मिलेंगी। अगर अस्पताल में किसी भी तकनीकी खराबी के कारण मेडिकल टेस्ट नहीं हो सका तो बाहर टेस्ट करवाने वाले रोगियों को अस्पताल टेस्ट का खर्च देगा।