फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में सभी सहकारी सभाओं का ऑडिट कराना अब अनिवार्य

Sun, 08 Aug 2021 02:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

सहकारिता विभाग की ओर से इंपैनल किए जाने वाले ऑडिटरों से सभाएं ऑडिट करवा सकेंगी। सभाओं के पंजीकरण को भी जरूरी कर दिया गया है। 
विज्ञापन
सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश की 4790 सहकारी सभाओं के ऑडिट को अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने कोऑपरेटिव सोसायटी अमेंडमेंट रूल 2021 में प्रावधान कर दिया है। ऑडिट के लिए स्वतंत्र पैनल बनाए जाएंगे। सहकारिता विभाग की ओर से इंपैनल किए जाने वाले ऑडिटरों से सभाएं ऑडिट करवा सकेंगी। सभाओं के पंजीकरण को भी जरूरी कर दिया गया है। नए नियमों को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है।

विज्ञापन


सभी हितधारकों से इसको लेकर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। नियमों में संशोधन से सभाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर विराम लग सकेगा। सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि इस संशोधन से सभाओं के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऑडिटरों की कमी के चलते सभी सहकारी सभाओं का निर्धारित समय में ऑडिट नहीं हो पा रहा है।

ऐसे में सरकार ने ऑडिट करने की प्रक्रिया का दायरा बढ़ाते हुए स्वतंत्र ऑडिट की नई व्यवस्था की है। 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कई सभाओं में अनियमितताओं की जांच चल रही है। बीते शुक्रवार को भी विधानसभा के मानसून सत्र में ऊना की दि दयोली कृषि सेवा सहकारी सभा में हुई गड़बड़ियों से जुड़ा सवाल लगा था। इसके अलावा बिलासपुर की एक सभा में हुई हेराफेरी का मामला भी सुर्खियों में रहा है। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने अब नए नियम तय कर दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें