प्रदेश में परिवहन विभाग के अलावा अब पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) भी निजी वाहनों की पासिंग कर पाएगा। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधकों (आरएम) को इस संबंध में परिवहन विभाग की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
आरएम को लिखित निर्देश दिए हैं कि निजी वाहनों की पासिंग के बाद फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने से पहले वाहनों के जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की जाए। साथ ही वाहनों के प्रदूषण जांच के बाद जारी होने वाली प्रमाणपत्र भी जांचें।
एचआरटीसी के अधिकारी अपनी बसों की पासिंग नहीं कर सकेंगे। अभी तक प्रदेश में वाहनों की पासिंग का काम परिवहन विभाग के अधिकारियों खासकर आरटीओ और एमवीआई के जिम्मे पर ही रहता था। प्रदेश में हर साल हजारों की संख्या में वाहन सड़कों पर उतरते हैं और हजारों पुराने वाहनों की पासिंग भी करनी पड़ती थी।
इन वाहनों की पासिंग का काम ज्यादा होने के कारण अधिकारियों पर कार्य बोझ पड़ता था और वाहन मालिकों को पार्किंग के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। सरकार ने अब आरएम स्तर पर पासिंग करने की स्वीकृति दे दी है। अब ढली, तारादेवी, रामपुर, रोहड़ू, शिमला, जनजातीय जिला किन्नौर के रिकांगपिओ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में आरएम वाहनों की पासिंग कर सकेंगे।
- वाहनों का टोकन टैक्स और एसआरटी भरा होना चाहिए।
- एचआरटीसी अपनी बसों की पासिंग नहीं कर पाएगा।
- ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखना होगा।
- एक माह से ज्यादा विलंब होने पर पासिंग पूर्व स्थान में होगी।