हिमाचल में अब लोगों को महज दस रुपये में ही तत्काल जमाबंदी के साथ ततीमा भी मिलेगा। भूमि से जुड़े जमाबंदी, ततीमा और मुसाबी जैसे दस्तावेज एक ही पेपर में मिल सकेंगे। इसके लिए लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।
सुगम केंद्रों में ही जमीन के इन सभी दस्तावेजों का प्रिंट मिलेगा। लोगों को ये सुविधा देने के लिए राज्य सरकार अब पूरे राजस्व रिकार्ड का डिजिटाइजेशन कर रही है। इसके लिए सात कंपनियां आगे आई हैं।
ट्रायल के तौर पर सभी कंपनियों को एक-एक गांव दिया गया है। बेहतर काम करने वाली कंपनी को सरकार ये काम सौंपेगी। वर्तमान में भूमि के दस्तावेज लेने के लिए लोगों को कई दिन लग जाते हैं। इसके लिए आवेदन के बाद लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
इसमें न केवल लोगों का पैसा खर्च होता है, बल्कि समय भी बर्बाद होता है। इसके मद्देनजर सरकार ने राजस्व रिकार्ड (पुरानी मुसाबी) का डिजिटाइजेशन करने का फैसला लिया है। विभाग ने इसके लिए 19 सिंतबर को टेंडर आमंत्रित किए थे।
इसमें 7 कंपनियों ने इस काम के लिए हामी भरी है। नेशनल लैंड रिकार्ड मॉड्रनाइजेशन प्रोग्राम के तहत यह कार्य किया जा रहा है।
ऐसे होगा राजस्व रिकार्ड का डिजिटाइजेशन
पहले पुरानी मुसाबी को स्कैन किया जाएगा। उसके बाद उसकी स्केलिंग की जाएगी, फिर उसका डिजिटाइजेशन होगा। रिकार्ड को कंप्यूटर में चढ़ाया जाएगा। फिर लोगों को सुविधा मिलेगी।