हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड स्वरोजगार योजना के तहत ‘खादी मित्र’ के नाम से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। इस प्रोजेक्ट में चंबा, कांगड़ा, मंडी और किन्नौर जिलों को शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत कोई भी सामान्य दुकानदार अब खादी बोर्ड के उत्पाद भी बेच सकेंगे। कुल लाभांश का 50 फीसदी दुकानदार को मिलेगा जबकि 50 फीसदी बोर्ड के पास जमा करवाना होगा।
यह जानकारी मंगलवार को हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया और बोर्ड के विकास अधिकारी रविकांत ठाकुर ने दी। खादी बोर्ड स्वरोजगार के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक ऋण स्वीकृत करवाता है।
सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को 25 फीसदी जबकि महिलाओं और आरक्षित वर्ग को 35 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। अगर मशीनरी पर 15 लाख से अधिक खर्च होता है तो पांच फीसदी अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में खादी बोर्ड ने 103 फीसदी का लक्ष्य हासिल किया है।
‘लोकल फोर वोकल’ के नारे से मिल रही मदद
पुरुषोत्तम गुलेरिया और रविकांत ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकल फोर वोकल का नारा दिया है। उनका ब्रांडिंग का अलग तरह का तरीका है। अधिकतर कार्यक्रमों में हिमाचली परिधानों में नजर आते हैं। इससे लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की नीतियों के कारण खादी बोर्ड ने पिछले साढ़े तीन वर्ष में 1234 उद्योग यूनिट स्थापित कर 8638 लोगों को रोजगार दिया है।