शताब्दी वर्ष में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 82वां और सचिवों का 58वां सम्मेलन धर्मशाला की बजाय अब शिमला में होगा। 16 से 18 नवंबर के बीच होने वाले समारोह में राज्य सभा के उप सभापति, सभी राज्यों की विधानसभाओं, विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष), उपाध्यक्ष तथा प्रधान सचिव/सचिव भी भाग लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने गुरुवार को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के चेयरमैन एवं लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लोक सभा सचिवालय नई दिल्ली में मुलाकात की तथा उन्हें आयोजन से संबंधित प्रबंधों के बारे में अवगत करवाया।
बैठक के बाद परमार ने बताया कि पहले यह समारोह धर्मशाला में होना था, लेकिन अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन 15 से 17 सितंबर 1921 को शिमला में करवाया गया था। इसी के चलते इसका आयोजन अब शिमला में किया जा रहा है। परमार ने बताया कि सचिवों का 16 नवंबर तथा पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन 17 तथा 18 नवंबर को होगा। बता दें, ओम बिड़ला 17 नवंबर को 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस समारोह में राज्य सभा के उप सभापति, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सभी मंत्री मौजूद रहेंगे।