जिला शिमला के ढाई लाख रसोई गैस उपभोक्ताओं को 15 नवंबर से गैस सिलेंडर खरीदने के लिए 987 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। संशोधित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर आफ एलपीजी योजना के लागू होने से केंद्र सरकार उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सब्सिडी के 501 रुपये लौटाएगी।
नवंबर में 937 रुपये नॉन सब्सिडी गैस सिलेंडर का दाम तय हुआ है। जिला शिमला में होम डिलीवरी के 50 रुपये तय किए हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को 987 रुपये चुकाने होंगे। सब्सिडी कोटे के 12 गैस सिलेंडरों का प्रयोग कर चुके उपभोक्ताओं पर योजना लागू होने से बोझ पड़ेगा। इन उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सरकार कोई राशि नहीं लौटाएगी।
महीने की पहली तारीख को तय होगा रेट
हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडरों के दाम तय होंगे। गैस सिलेंडरों के एलपीजी दाम को विश्व बाजार से लिंक करने के चलते ऐसा हुआ है। इससे जब भी विश्व बाजार में नेचुरल गैस के दाम ऊपर नीचे होंगे गैस सिलेंडरों की कीमत भी बदलेगी।
12 सिलेंडरों पर ही मिलेगी सब्सिडी
अप्रैल 2014 से मार्च 2015 तक 12 रसोई गैस सिलेंडरों पर ही केंद्र सरकार सब्सिडी बैंक खातों में लौटाएगी। 13वां गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को पूरी राशि चुकानी होगी।
जनवरी तक आधार से लिंक करें खाते
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी योजना में इस बार संशोधन किया है। योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक हैं। हालांकि इस योजना से ऐसे लोगों को अभी छूट मिलेगी जिनके आधारकार्ड नहीं बने हैं। उन्हें सिर्फ अपना बैंक खाता गैस एजेंसी जाकर लिंक करवाना होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अगले साल जनवरी तक का समय आधार कार्ड बनवाने के लिए दिया जाएगा।