2009 के नियमों को आधार बनाकर ऐसे मिलेगा लाभ
अगर कोई अधिकारी/कर्मचारी 2009 के नियमों को आधार बनाकर लाभ लेना चाहता है और उसने 2012 के वेतन संशोधन का लाभ नहीं लिया है तथा 31 दिसंबर 2015 को उसकी बेसिक पे 55,040 रुपये है तो फैक्टर 2.59 लगाकर उसका वेतन 1,42,553.60 रुपये होगा। इसे राउंड ऑफ करने के बाद यह 1,42,554 होगा। ऐसे में पे मैट्रिक्स चार्ट में मिलान करें तो उसका संशोधित वेतन 1,42,700 रुपये होगा। इसमें भत्ते और अन्य लाभ अलग से शामिल होंगे।
2012 के वेतन पुनर्संशोधन को आधार बनाकर ऐसे मिलेगा फायदा
अगर कोई कर्मचारी वर्ष 2012 के पुनर्संशोधन को आधार बनाकर नए वेतनमान का लाभ लेना चाह रहा है तो उसके लिए दो विधियां लगाई जाएंगी। पहली विधि के अनुसार 31 दिसंबर 2015 को लिए वेतन को आधार बनाएंगे तो अगर बेसिक वेतन 13,900 रुपये है तो इसमें फैक्टर 2.25 लगाया जाएगा। यह गुना करने पर 31,297.50 आएगा। राउंड ऑफ करके यह 31,298 होगा। पे मैट्रिक्स में मिलान करने पर यह वेतन 31,400 रुपये होगा। इसमें भत्ते और अन्य लाभ अलग से शामिल होंगे। इसमें दूसरी विधि में 31 दिसंबर 2015 की नोशनल (काल्पनिक) पे को आधार बनाया जाता है।
कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में इतना अनुमानित इजाफा (रुपये में)
क्लर्क 4000-5000
वरिष्ठ सहायक 4500-6000
अधीक्षक 5000 से 6000
राजपत्रित अधिकारी 6000 से 12000
वरिष्ठ राजपत्रित 15,000 से 30,000
वहीं, प्रदेश सरकार की संशोधित वेतनमान को लेकर जारी अधिसूचना से सरकारी कर्मचारी असमंजस में हैं। नए वेतनमान से क्या नफा और नुकसान है, यह अधिसूचना जारी होने के बाद उनके लिए पहली बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर से जब नए वेतनमान को लेकर जारी अधिसूचना से कर्मचारियों को क्या लाभ और क्या नुकसान है?
इस पर ठाकुर ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में लंबी अधिसूचना जारी की है। इसका अध्ययन करने और वित्त विभाग के कर्मचारियों से विचार-विमर्श करके पता लगाया जा सकेगा कि कर्मचारियों को क्या फायदा और नुकसान है। यानी सरकार की जारी अधिसूचना में सरकार का गणित फिलहाल महासंघ नेता भी नहीं समझ पाए हैं।