हिमाचल के चंबा जिले की रठियार पंचायत के मियाड़ी गांव में सड़क न होने से बुजुर्ग की जान चली गई। मियाड़ी गांव के 62 बुजुर्ग बैंसूराम को चारपाई पर सड़क तक पहुंचाने में ही एक घंटा लग गया। इससे बुजुर्ग की मौत हो गई। जैसे-तैसे बुजुर्ग को चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकों ने कहा कि अगर बुजुर्ग को 15 मिनट पहले अस्पताल पहुंचाया गया होता तो बीमार बैंसूराम को बचाया जा सकता था। वहीं, इस मौत से इलाके में रोष है। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले भी कई बुजुर्ग इसी तरह से इलाज में देरी से अपनी जान गंवा चुके हैं। सड़क की मांग पर न प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और न ही कभी लोक निर्माण विभाग ने समस्या पर जरूरी कदम उठाए।
जानकारी के अनुसार मियाड़ी गला से मियाड़ी तक प्रस्तावित सड़क पर काथैयड़ू, द्रोल, सुडेला पानी, सुन्धार, मियाड़ी, दियोली, लांघा, लाहड़ू, खब्बर, चिहाड़ू और चांझूई की आबादी निर्भर है। ग्रामीणों में रत्न चंद, रमेश कुमार, तिलक राज, चुन्नी लास, लेख राज, युवी कुमार, रवि कुमार, दीपा देवी सहित अन्यों ने बताया कि मियाड़ी निवासी बैंसू राम की तबीयत बुधवार की सुबह अचानक खराब हो गई थी।
उन्हें चारपाई के माध्यम से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में एक घंटे का वक्त लग गया। बाद में उन्हें जब चंबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया तो डॉक्टरों ने सिर्फ पंद्रह मिनट की देरी से पहुंचने को वजह बताकर बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया।