फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाटू मंदिर में नहीं मनाया मेला, अज्ञातवास के समय पांडवों ने की थी यहां तपस्या

Sun, 17 May 2020 06:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, कुमारसैन (रामपुर बुशहर)
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हाटू मंदिर नारकंडा में ऐतिहासिक मेले में कोविड-19 महामारी के चलते केवल परंपरा निभाई गई। नारकंडा के हाटू माता मंदिर में इस वर्ष कोरोना संकट के चलते मेले का आयोजन नहीं किया गया। मंदिर जाने वाले रास्ते को पुलिस ने सील किया है। ज्येष्ठ मास के पहले रविवार को मंदिर में पुजारियों ने परंपरानुसार पूजा की और माता से प्रदेश में फैले कोरोना संकट से जनता को बचाने की कामना की।

विज्ञापन



चंद कारदारों की उपस्थिति में सारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंदिर कमेटी के प्रधान कंवर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को परंपरानुसार पुजारियों ने माता की पूजा-अर्चना की और अन्य प्रथाओं का कार्य पूरा किया गया। हाटू माता मंदिर के कपाट आम जनता के लिए बंद हैं। थाना प्रभारी कुमारसैन कर्मचंद ठाकुर ने बताया कि मंदिर को जाने वाली सड़क बंद कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुरानी मान्यताओं के अनुसार अज्ञातवास के समय पांडव हाटू में रहे हैं। यहां पर माता की कठिन तपस्या और उपासना कर शत्रुओं पर विजय पाने का वरदान प्राप्त किया था। उस समय की प्राचीन शिला आज भी हाटू पीक पर साक्ष्य के रूप में मौजूद है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें