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एनआईटी भर्ती मामला: फेक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए बोर्ड ऑफ गर्वनर के पदाधिकारी

Sat, 16 Jan 2021 12:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हमीरपु - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हमीरपुर की बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक शुक्रवार को एनआईटी बीओजी चेयरमैन प्रो. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई है। इसमें एनआईटी में आधा दर्जन पदों पर भर्तियों और कर्मचारियों को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाने के मामले में पेश रिपोर्ट पर चर्चा की गई। एनआईटी हमीरपुर की फेक्ट फाइंडिंग कमेटी ने यह रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में कई सवालों के जवाब नहीं मिले। जिसके चलते बीओजी की सभी सदस्यों ने एकमत में इस रिपोर्ट को नकारते हुए पंद्रह दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी किए। बीओजी ने फेक्ट फाइंडिंग कमेटी से पूछा कि एनआईटी के पूर्व निदेशक प्रो. विनोद यादव के कार्यकाल में असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-2, असिस्टेंट रजिस्ट्रार समेत अन्य पदों पर हुई भर्तियों के दौरान गठित चयन समिति में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा एनआईटी में गठित लेवल-2 कमेटी में एनआईटी से बाहर के कौन-कौन अधिकारी शामिल थे, इन सबकी रिपोर्ट दी जाए।

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फेक्ट फाइंडिंग कमेटी अब पंद्रह दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार कर बीओजी को सौंपेगी। बीओजी इस रिपोर्ट का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को इस संबंध में अवगत करवाएगी ताकि, इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी निर्णय लिया जा सके। बता दें कि प्रो विनोद यादव के कार्यकाल में असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-2 और असिस्टेंट रजिस्ट्रार के आधा दर्जन पदों पर भर्तियां हुई थीं। इसके साथ ही कर्मचारियों को अनुचित वित्तीय लाभ भी पहुंचाए गए। इस मामले की शिकायत के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के चेयरमैन से इसकी जांच करवाई। जिसके बाद प्रो. विनोद यादव को एनआईटी हमीरपुर के निदेशक पद से बर्खास्त कर दिया गया। वर्तमान में वह एनआईटी इलाहाबाद में सेवाएं दे रहे हैं। फेक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद अब उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी, जो भर्ती के दौरान चयन समिति में शामिल रहे थे। इसके साथ ही अगर किसी शिक्षक व गैर शिक्षक अधिकारी को अनुचित वित्तीय लाभ या पदोन्नति की पुष्टि होती है तो रिकवरी के साथ ही डिमोशन भी हो सकती है। अब सबकी निगाहें पंद्रह दिन के बाद आने वाले विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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