एनआईटी हमीरपुर में एमटेक प्रथम वर्ष के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में जिला पुलिस ने शनिवार को दो नशा तस्करों को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया है। मामले में पकड़े गए आरोपियों की मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य बैंक लेनदेन के आधार पर पुलिस को यह सफलता हाथ लगी है। गिरफ्तार किया गया एक आरोपी ऊना में नशा मुक्ति केंद्र चलाता है। मामले में अभी तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
चार आरोपी अभी जेल में है, जबकि दो को जमानत मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक दो मुख्य नशा तस्करों अमनप्रीत उर्फ अमन पावलो निवासी मकान नंबर 1701 वार्ड नंबर छह सुंदरनगर नकोदर जिला जालंधर व करमपाल सिंह निवासी गांव धंडोवाल थाना नकोदर, जिला जालंधर पंजाब को जिला हमीरपुर पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। इन दोनों के तार पहले गिरफ्तार दो आरोपियों अंकुश व रवि चोपड़ा के साथ जुड़े हैं।
एनआईटी हमीरपुर में 23 अक्तूबर को एमटेक प्रथम वर्ष के छात्र सुजल की संदिग्ध मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें एनआईटी के छात्र वर्णित और वरुण शर्मा, नशे की सप्लाई का आरोपी रजत उर्फ गिफ्टी व ईशांत शामिल हैं।
बाद में पुलिस ने रवि चोपड़ा और अंकुश को गिरफ्तार किया। रवि, रजत, इंशात और अंकुश के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस एक्ट में मामले दर्ज हुए हैं। अब रवि और अंकुश की मोबाइल कॉल डिटेल और बैंक खातों का लेनदेन खंगालने के बाद पंजाब से दो और गिरफ्तारियां पुलिस ने की हैं।
ऊना में नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में कई जिलों में फैला नशे का कारोबार
आरोपी अमनप्रीत जिला ऊना के गांव अप्पर भंजाल, डाकघर सुंकली तहसील घनारी में जीवन जोत नशा मुक्ति सेंटर चलाता है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस सेंटर की आड़ में जिला हमीरपुर तथा राज्य के अन्य जिलों में नशे का कारोबार फैला है।
आरोप है कि मामले में पहले से गिरफ्तार अंकुश व रवि चोपड़ा के तार मुख्य सप्लायर अमनप्रीत व करमपाल सिंह के साथ जुड़े हैं और ये नशे के अवैध व्यापार में संलिप्त थे। वहीं, इस बारे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा ने कहा कि मामले की छानबीन जारी है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।