एनआईटी के छात्र की मौत के मामले में रजत शर्मा ने पुलिस पूछताछ में यह कबूल कर लिया है कि उसने एनआईटी परिसर में प्रवेश किया था। यह दावा पुलिस कर रही है। हालांकि, छोटे नशा तस्करों के पास चिट्टे की खेप कौन पहुंचाता है, यह बात अभी तक पुलिस रिमांड में पता नहीं चल पाई है। पुलिस का दावा है कि सूजल शर्मा की मौत की गुत्थी को जल्द सुलझा लेगी। फिलहाल मौत के मामले में पुलिस ने रजत शर्मा और बीटेक के दो छात्रों वरुण शर्मा और वर्णित वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है।
ईशांत राणा के खिलाफ सिर्फ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इन आरोपियों को मंगलवार को हमीरपुर न्यायालय से 27 अक्तूबर तक रिमांड पर लिया है। अभी तक मुख्य ड्रग सप्लायर का नाम इन आरोपियों ने नहीं उगला है। ईशांत राणा और रजत शर्मा पूर्व में भी एनडीपीएस मामले में नामजद रहे हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली से पंजाब के रास्ते यह चिट्टा हमीरपुर पहुंचता है।
28 अक्तूबर को संस्थान में दीक्षांत समारोह होगा। तमाम अधिकारी समारोह की तैयारियों में जुटे हुए हैं। दीक्षांत समारोह के उपरांत संस्थान परिसर में चरस बरामद होने और एमटेक के छात्र की मौत के मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल संस्थान में कंटीली तार लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। अन्य कार्रवाई भी जल्द अमल में लाई जाएगी। एनआईटी प्रबंधन की ओर से हर तरह की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अर्चना नानोटी, कुलसचिव, एनआईटी हमीरपुर
तीन दिन बाद भी जांच कमेटी नहीं हुई गठित
एनआईटी हमीरपुर में एमटेक के छात्र की मौत के तीन दिन बीतने के बाद भी अभी तक आंतरिक जांच कमेटी का गठन नहीं किया है। छात्रावास में जिस तरह से नशे की खेप पहुंची है, उससे एनआईटी के सुरक्षा अधिकारी और हॉस्टल वॉर्डन और सहायक वॉर्डन की लापरवाही सामने आ रही है। इन जिम्मेवार अधिकारियों को भी एनआईटी ने अभी तक न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया है और न ही किसी तरह की पूछताछ की है। एनआईटी के निदेशक प्रो एचएम सूर्यवंशी ने इस पूरे प्रकरण पर कुछ भी बोलने से साफ इंकार किया है।
73 मामले 10 माह में एनडीपीएस के हमीरपुर में आ चुके हैं सामने
हमीरपुर में नशे का कारोबार चरम पर है। एक जनवरी 2023 से लेकर 25 अक्तूबर 2023 तक जिला पुलिस ने विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर और गुप्त सूचना के आधार पर एनडीपीएस के कुल 73 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस आए दिन नशा माफिया को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रही है। लेकिन चोरी-छिपे चिट्टा और चरस का कारोबार अभी तक जारी है। नशा माफिया एनआईटी समेत बड़े शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को केंद्रित कर इस कारोबार में जुटा हुआ है। हमीरपुर में एनआईटी के अलावा दर्जनों कोचिंग संस्थान और निजी स्कूल हैं।