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डॉक्टर ने रैफर मरीज को गंभीर हालत में भेजा घर, मौत के बाद परिजनों का हंगामा

Sun, 19 Jun 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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रामपुर के लिए रेफर महिला मरीज की मौत पर परिजनों ने खूब हंगामा किया। - फोटो : अमर उजाला
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विवादों में रहने वाले शिमला के रामपुर के खनेरी अस्पताल से एक विवाद और जुड़ गया है। निरमंड अस्पताल से महात्मा गांधी अस्पताल खनेरी रामपुर के लिए रेफर महिला मरीज की मौत पर परिजनों ने खूब हंगामा किया।
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पांच घंटे से ज्यादा समय तक गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते लाश को अस्पताल के बेड से नहीं उठाया। परिजनों का आरोप था किया रेफर मरीज को दाखिल करने की बजाए चिकित्सक ने छुट्टी देकर घर भेजा।

जानकारी के मुताबिक वीरवार को निरमंड के कोट पंचायत के शलोग गांव की रामदासी (57) की छाती और पीठ में दर्द होने पर उसे निरमंड अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को दर्द बढ़ने से सुबह निरमंड अस्पताल के चिकित्सक ने महिला को खनेरी रेफर कर दिया।
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डॉक्टर ने दाखिल करने की बजाए दे दी छुट्टी

चिकित्सक ने एक इंजेक्शन लगवाने और पांच गोलियां एक साथ खाने के लिए कहा और उसके बाद दवाई लिखकर मरीज को छुट्टी दे दी।
परिजनों ने बताया कि खनेरी अस्पताल पहुंचाने के बाद आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने कुछ टेस्ट और दवाइयां निजी क्लीनिक से लाने को कहा।

परिजनों के अनुसार मरीज को दाखिल करने की बजाए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने एक इंजेक्शन लगवाने और पांच गोलियां एक साथ खाने के लिए कहा और उसके बाद दवाई लिखकर मरीज को छुट्टी दे दी।

परिजन मरीज को लेकर वापस घर भी नहीं पहुंचे थे कि तबीयत और बिगड़ गई। मजबूरन आधे रास्ते से फिर मरीज को बाद दोपहर करीब 2 बजे खनेरी चिकित्सालय पहुंचाया। इस दौरान जांच के दौरान ही मरीज की मौत हो गई।
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मौत के बाद अस्पताल में हंगामा

मरीज की मौत पर परिजनों और रिश्तेदारों ने अस्पताल में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। - फोटो : अमर उजाला
मरीज की मौत पर परिजनों और रिश्तेदारों ने अस्पताल में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसडीएम निशांत शर्मा और डीएसपी सोम दत्त ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया।

लेकिन परिजन सवाल उठाते रहे मरीज को दाखिल करने की बजाए छुट्टी क्यों दी गई? रात करीब दस बजे पुलिस उक्त चिकित्सक को पूछताछ के लिए थाने ले कर गई और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत किया।

दाखिल कर लेते तो नहीं जाती जान
महिला के पति बालक राम का आरोप है कि रेफर मरीज को बिना जांचे छुट्टी न दी होती तो उसकी मौत न होती। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से जांच करने की मांग की है। उधर, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. एनके मेहता ने कहा कि ऐसा मामला सामने आया है। जांच चल रही है। उसके बाद ही कुछ कह सकते हैं।

उधर, प्रोवेशनल डीएसपी मनोज कुमार ने बताया ने पुलिस ने भादंसं धारा 304 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

Published by Ashok Chauhan
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