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Shimla News: सरकारी योजनाओं में लापरवाही, यूसी नहीं भेज रहे अधिकारी

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केंद्र और राज्य सरकार की जिले में चल रही योजनाओं पर जिला प्रशासन ने तलब किया रिकॉर्ड
खंड विकास अधिकारियों से तीन साल का रिकॉर्ड
कितनी योजनाएं पूरी हुईं, कितनी चल रही की देनी होगी रिपोर्ट

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आम जनता की सुविधा के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं में अधिकारियों की भारी लापरवाही सामने आई है।
फील्ड अधिकारी न तो तय समय सीमा के भीतर काम पूरे करवा पा रहे हैं और न ही पूरे हो चुके कार्यों के यूसी (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) तक जिला प्रशासन को भेज रहे हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सभी खंड विकास अधिकारियों से पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तलब कर लिया है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली अगली समीक्षा बैठक तक सभी अधिकारियों को साल 2022 से लेकर अब तक जिलाभर में चल रही योजनाओं का ब्योरा साथ लाने को कहा है। इसमें अधिकारियों को बताना होगा कि किस योजना के तहत कितना बजट जारी हुआ, किस क्षेत्र में क्या काम हुए, कितने पूरे हुए, कितने अधूरे हैं, जो अधूरे हैं वह किस चरण पर हैं, ऐसे कितने काम हैं जो आज तक शुरू ही नहीं हुए हैं। इसके अलावा पूरे हो चुके कार्यों के यूसी भी तैयार रखने को कहा है।
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जिला प्रशासन के अनुसार फील्ड अधिकारी निर्देश मिलने के बावजूद पूरे हो चुके कार्यों के यूसी नहीं भेज रहे हैं। नियमानुसार इन्हें उपायुक्त कार्यालय भेजना अनिवार्य है। उपायुक्त अनुपम कश्यप का कहना है कि इन योजनाओं की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें बुलाई जा रही हैं। इन बैठकों में खंड विकास अधिकारियों से लेकर पंचायत सचिव और तकनीकी स्टाफ तक को जवाब देने के लिए मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
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इन योजनाओं के चल रहे काम
जिला शिमला में अभी 15वें वित्त आयोग, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, वाटरशेड डेवलपमेंट, एमएमएवाई, स्वच्छ भारत मिशन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एमपीएल एड समेत कई योजनाओं के काम चल रहे हैं। इनमें केंद्र के अलावा राज्य सरकार की योजनाएं भी शामिल हैं। नियमानुसार तय समय सीमा के भीतर हर काम पूरा होना चाहिए। किस योजना पर कितना खर्च आया, कब पूरी हुई, इसकी जानकारी कंपलीशन रिपोर्ट के साथ उपायुक्त कार्यालय भेजना अनिवार्य है। यह जिम्मा खंड विकास अधिकारियों का है लेकिन ये अधिकारी फिलहाल इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहे। ऐसे में जिला प्रशासन ने सख्ती करते हुए अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक तक अपने क्षेेत्र के तहत चल रही सभी योजनाओं की पूरी जानकारी और रिकॉर्ड देने को कहा है।
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