संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। विकास खंड टुटू की पंचायत टुटू-मजठाई में सोमवार को पंचायत स्तरीय नशा निवारण समिति की पहली बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान उत्तम सिंह कश्यप ने की। बैठक में लिए निर्णय के अनुसार नशा निवारण समिति द्वारा प्रदेश में खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।
उत्पादों के खुदरा व्यापार के विनियमन से संबंधित अधिनियम 2016 के तहत पंचायत क्षेत्र में खुदरा बीड़ी-सिगरेट विक्रेताओं को पंचायत सचिव से लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए पंचायत के प्रत्येक बीड़ी-सिगरेट विक्रेता को तीन वर्षों के लिए 500 रुपये लाइसेंस फीस और तीन साल बाद इसका 300 रुपये के भुगतान के साथ नवीनीकरण करना होगा। इसके अलावा समिति के सदस्य पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर नशे का सेवन करने वालों और चिट्टा कारोबार से जुड़े लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे। यदि पंचायत का कोई भी व्यक्ति नशा या चिट्टे के कारोबार में संलिप्त पाया गया तो उसकी जानकारी गुप्त रूप से एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को दी जाएगी।
नशा निवारण समिति के सदस्यों का एक व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन किया जाएगा जिसमें समिति के सभी सदस्य नशे की लत से जुड़े लोगों और कारोबारियों की जानकारी पर परस्पर आदान प्रदान किया जाएगा। इस ग्रुप का एडमिन पंचायत प्रधान होगा। इस दौरान राज्य एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की ओर से हवलदार नरेश कुमार और सिपाही सुशील सागर कार्यवाही की मॉनिटरिंग हेतु विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में पंचायत सचिव सुनीता शर्मा, ग्रामीण राजस्व अधिकारी राहुल चौहान, नवज्योति संगठन मजठाई की प्रधान सुनीता मल्होत्रा, स्थानीय आशा वर्कर किरण, मोहिंदर सिंह तथा समिति के सदस्य सचिव हवलदार संजीव चंदेल और कांस्टेबल मीरा मौजूद रही।