डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि यह सूचना मिली है कि चंडीगढ़ में आरोपी की संपत्ति है। इसके चलते वहां के राजस्व विभाग से रिकॉर्ड मांगा गया है। 3 दिसंबर 2021 को एनसीबी के अधिकारियों ने बद्दी की जैनेट फार्मा कंपनी की होल सेल की दुकान से कंपनी के संचालक दिनेश बंसल और मैनेजर सोनू सैनी को प्रतिबंधित दवाएं बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने प्रतिबंधित दवाओं की कालाबाजारी और फर्जी बिल बनाकर दूसरे राज्यों में बेचने के मामले में फंसे जैनेट फार्मा कंपनी के मालिक दिनेश बंसल की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो ने चंडीगढ़ राजस्व विभाग को पत्र लिखकर बंसल की संपत्तियों का रिकॉर्ड मांगा है। जांच में पता चला है कि बंसल के रिश्तेदारों के हिमाचल में भी करोड़ों के प्लाट और फ्लैट हैं। इसका रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया जाएगा। नारकोटिक्स ब्यूरो के डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि यह सूचना मिली है कि चंडीगढ़ में आरोपी की संपत्ति है।
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इसके चलते वहां के राजस्व विभाग से रिकॉर्ड मांगा गया है। 3 दिसंबर 2021 को एनसीबी के अधिकारियों ने बद्दी की जैनेट फार्मा कंपनी की होल सेल की दुकान से कंपनी के संचालक दिनेश बंसल और मैनेजर सोनू सैनी को प्रतिबंधित दवाएं बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने बुधवार को कंपनी में कार्यरत चार कर्मियों से पूछताछ की है। इनमें कंपनी का सीए, एचआर सहित अन्य दो कर्मचारी शामिल हैं। पता लगाने का प्रयास किया गया कि कहां-कहां कंपनी दवा की सप्लाई करती है और उसका रिकॉर्ड किस तरह से रखा गया है। पूछताछ के दौरान कई तरह के तथ्य सामने आए हैं।