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नौसेना दिवस: 50 वर्ष पूर्व ढाका में पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों ने किया था आत्मसमर्पण

Sun, 05 Dec 2021 12:44 PM IST
Krishan Singh अनिल भंडारी, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)

सार

नगरोटा बगवां के निवासी वैटर्न नेवल अधिकारी कैलाश नाथ भंडारी का कहना है कि उनकी आंखों के सामने जनरल नियाजी ने जब आत्मसमर्पण किया, तब जनरल नियाजी की आंखें नम थीं। नेवी डे के उपलक्ष्य में कैलाश भंडारी ने यह उद्गार साझा किए। 
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वैटर्न नेवल अधिकारी कैलाश नाथ भंडारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज से 50 वर्ष पूर्व पूर्वी पाकिस्तान के ढाका शहर में जब पाकिस्तान के जनरल नियाजी ने भारत के जनरल अरोड़ा के समक्ष 90 हजार पाकिस्तानी फौज के साथ आत्मसमर्पण किया था, तब मौके पर उपस्थित हर फौजी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया था। इस ऐतिहासिक पल का गवाह रहे नगरोटा बगवां के निवासी वैटर्न नेवल अधिकारी कैलाश नाथ भंडारी का कहना है कि उनकी आंखों के सामने जनरल नियाजी ने जब आत्मसमर्पण किया, तब जनरल नियाजी की आंखें नम थीं। नेवी डे के उपलक्ष्य में कैलाश भंडारी ने यह उद्गार साझा किए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तीनों सेनाओं के आला अधिकारियों ने भारतीय जल, थल और वायु सेनाओं के उच्च अधिकारियों के सामने अपनी पिस्टल्स सरेंडर की थीं।

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भारतीय नेवी में लगभग 33 वर्ष सेवाएं देने वाले 1938 में जन्मे कैलाश भंडारी ने बताया कि वह उस युद्ध के समय में ढाका में विक्रांत युद्धपोत पर तैनात थे। उन्हें आत्म समर्पण का बतौर गवाह वह नजारा देखने का मौका मिला था। उन्होंने बताया कि किसी भी युद्ध के इतिहास में यह प्रथम बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में किसी फौज ने आत्म समर्पण किया हो। उन्होंने बताया कि उन्होंने 1962, 1965 और 1971 तीनों युद्धों में भाग लिया है। उन्होंने बताया कि आज के जमाने में सेनाओं के आधुनिकीकरण हो गया है, जबकि तब सेनाएं तकनीक के मामले में इतनी एडवांस नहीं थीं। उन्होंने युवाओं को नेवी में अपना भविष्य सुनिश्चित करने की प्रेरणा दी है। 

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