फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित पे बैंड मामला: मेस बहिष्कार करने वाले पुलिस कर्मियों की बनाई जा रही सूची

Sun, 05 Dec 2021 12:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मांग पूरी न होने पर मेस बहिष्कार कर रहे साल 2015 से भर्ती सैकड़ों पुलिस कांस्टेबलों की सूची बनाई जानी शुरू हो गई है। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के सभी बटालियनों और पुलिस थानों में फोन कर उन कर्मचारियों के नाम व नंबर मांगे हैं जो मेस का खाना नहीं खा रहे। 
विज्ञापन
हिमाचल पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 संशोधित पे बैंड आठ के बजाय दो साल में देने की मांग पूरी न होने पर मेस बहिष्कार कर रहे साल 2015 से भर्ती सैकड़ों पुलिस कांस्टेबलों की सूची बनाई जानी शुरू हो गई है। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के सभी बटालियनों और पुलिस थानों में फोन कर उन कर्मचारियों के नाम व नंबर मांगे हैं जो मेस का खाना नहीं खा रहे। सूत्रों का कहना है कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद यह कवायद शुरू की गई है ताकि रविवार को बिलासपुर में होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने विरोध प्रदर्शन करने की धमकी देने वाले परिजनों को रोका जा सके। उधर, पांच दिसंबर को बिलासपुर में होने वाले सरकारी कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के सामने पुलिस कर्मियों के परिजनों के विरोध के एलान के बीच सुरक्षा एजेंसियों में पहले ही हड़कंप मचा हुआ है। अतिरक्ति सतर्कता बरतते हुए हर गतिविधि पर ज्यादा नजर रखी जा रही है। इसके अलावा परिजनों और उन पुलिस कर्मियों की मूवमेंट पर भी निगाह रखी जा रही है जो संशोधित पे बैंड जल्द दिए जाने को लेकर चलाए जा रहे अभियान में सबसे ज्यादा मुखर हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारी अपने स्तर पर नाराज पुलिस कर्मियों को समझाने की कोशिश में जुटे हैं।

24 नवंबर से शुरू हो गया था मेस बहिष्कार, फिर भी मौन रहे पुलिस के अधिकारी

संशोधित पे बैंड आठ के बजाय दो साल में देने की मांग पर अड़े साल 2015 से भर्ती सैकड़ों पुलिस कांस्टेबलों के मेस बहिष्कार को लेकर हंगामा भले ही 28 नवंबर को सैकड़ों पुलिस कर्मियों के मुख्यमंत्री आवास पहुंचने के बाद हुआ हो। लेकिन इस बहिष्कार की शुरूआत 24 नवंबर को हो गई थी। सोलन के डीएसपी मुख्यालय की ओर से एसपी सोलन को 24 नवंबर को एक पत्र भेजा गया जिसमें आठ पुलिस कर्मियों के मेस बहिष्कार की लिखित जानकारी दी गई। स्पष्ट रूप से बताया गया कि पुलिस लाइन सोलन के तीन पुलिस कर्मी और 4 आईआरबीएन के पांच कांस्टेबलों ने पुलिस मेस में खाना छोड़ दिया है। सूत्रों की मानें तो इसी दिन बद्दी में भी मेस बहिष्कार हुआ। आला अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी मुख्यमंत्री को यह जानकारी 28 नवंबर की सुबह दी गई। जाहिर है इस देरी की वजह से ही सरकार पुलिस कर्मियों को लेकर फैसला नहीं ले सकी और प्रदेशभर में मेस बहिष्कार व सोशल मीडिया पर अभियान का सिलसिला शुरू हो गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें