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खेल दिवस: विदेशी धरा पर भी खूब चमके हिमाचल के बिलासपुर की मिट्टी से निकले हीरे

Sun, 29 Aug 2021 11:28 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

बिलासपुर साल 2005 में शुरू हुआ प्रदेश का इकलौता खेल छात्रावास है। देश में जब भी बड़े कबड्डी खिलाड़ियों की बात होती है तो प्रियंका नेगी, ऋतु नेगी और निधि का नाम भी आता है। ये तीनों स्टेट स्पोर्ट्स हॉस्टल से ही खेल की बारीकियां सीखकर आगे बढ़ी हैं।
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प्रियंका नेगी, ऋतु नेगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की मिट्टी ने ऐसे हीरे तैयार किए हैं, जिन्होंने देश ही नहीं, बल्कि विश्व में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। राज्य खेल छात्रावास बिलासपुर से पिछले 16 साल में 100 राष्ट्रीय और तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं। इनमें से वर्तमान में 90 फीसदी खिलाड़ी सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। साल 2005 में शुरू हुआ प्रदेश का इकलौता खेल छात्रावास है। देश में जब भी बड़े कबड्डी खिलाड़ियों की बात होती है तो प्रियंका नेगी, ऋतु नेगी और निधि का नाम भी आता है। ये तीनों स्टेट स्पोर्ट्स हॉस्टल से ही खेल की बारीकियां सीखकर आगे बढ़ी हैं। 

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बिलासपुर स्पोर्ट्स हॉस्टल में हैंडबाल, कबड्डी, एथलेटिक, बास्केटबाल और हॉकी के खिलाड़ी 16 साल से तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षण देने के लिए पांच कोच तैनात हैं। राज्य खेल छात्रावास प्रभारी के रूप में मनोज ठाकुर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्टेट स्पोर्ट्स हॉस्टल बिलासपुर से निकलीं इंस्पेक्टर प्रियंका नेगी, निधि और ऋतु नेगी ने विश्व स्तर पर कबड्डी से नाम कमाया है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वीटी, साक्षी, अंजू, डिंपल, शिल्पा, दीया और सुषमा ने नाम चमकाया है। इस हॉस्टल में खिलाड़ियों के लिए निशुल्क वाईफाई से लेकर खाने और रहने की सारी सुविधाएं हैं। 

स्पोर्ट्स हॉस्टल को और बेहतर बनाने का होगा काम
हॉस्टल में खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एथलेटिक्स को बढ़ावा देने के लिए सिंथेटिक ट्रैक को और बेहतर बनाया जाएगा। हॉस्टल से कबड्डी के अलावा हैंडबाल के 65, एथलेटिक्स की 35 लड़कियां और हॉकी के 50 खिलाड़ी निकले हैं। खुद डीवाईएसएसओ, हॉकी कोच प्रदीप कालिया, नवीन, हॉकी के खिलाड़ी के रूप में इसी हॉस्टल से निकले हैं। 
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- रवि शंकर, डीवाईएसएसओ बिलासपुर

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