हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक सरकारी स्कूल के डीपीई ने कुश्ती के 100 से अधिक राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए हैं। परशुराम अवाॅर्डी जगदीश कुमार ने हिमाचल की कुश्ती को नई पहचान दी है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले जगदीश आज भी देश के लिए खिलाड़ी तैयार करने में लगे हैं। स्कूली राष्ट्रीय गेम्स में उनके शिष्यों ने दो स्वर्ण, दो कांस्य पदक जीते हैं। वहीं, सीनियर नेशनल में उनके शिष्य अजय ने रजत और एक महिला पहलवान ने कांस्य पदक हासिल किया है।
जगदीश राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे हैं। 1994 में उन्होंने हिमाचल कुमार और ऑल हिमाचल का खिताब जीता। वर्ष 1994 और 1996 में सीनियर नेशनल का खिताब हासिल किया है। 1998 में हिमाचल केसरी बने। मिंजर मेले में भी पांच बार विजेता रहे हैं। 2005 में जगदीश ने पंजगाईं स्कूल में बतौर डीईपी ज्वाइन किया। उसी समय से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में लग गए। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भी उन्होंने प्रदेश को बेहतर खिलाड़ी दिए। उनके सराहनीय कार्यों के चलते 2019 में उन्हें परशुराम अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। जगदीश मोरसिंघी स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं।