शिमला-धर्मशाला फोरलेन परियोजना के निदेशक विक्रम मीणा ने कहा कि ब्रह्मपुखर-कंदरौर सड़क को अब डबललेन करने की कोई योजना नहीं है। हमारा लक्ष्य सिर्फ फोरलेन बनाने पर है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ब्रह्मपुखर-कंदरौर सड़क को डबललेन करने से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। 23 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के डबललेन बनने से तीखे मोड़ों और संकरे पुलों से वाहन चालकों को राहत मिलनी थी। इस मार्ग को हमीरपुर से ब्रह्मपुखर तक डबललेन किया जाना प्रस्तावित था।
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हमीरपुर से घुमारवीं तक तो यह डबललेन हो गया, लेकिन साल 2016 में शिमला-धर्मशाला हाईवे को फोरलेन बनाने की घोषणा के बाद घुमारवीं से आगे कंदरौर-ब्रह्मपुखर सड़क के डबललेन का कार्य लटक गया। कारण यह था कि उसके बाद शिमला-धर्मशाला हाईवे को फोरलेन बनाने की घोषणा के चलते यह मार्ग एनएचएआई के अधीन आ गया।
शुरू में एनएचएआई ने इसे डबललेन करने के लिए हामी भरी थी, ताकि इस सड़क से कुल्लू, मंडी की ओर जाने वालों को भी सहूलियत हो। कुल्लू और मंडी जिले के लोग भी राजधानी शिमला इसी मार्ग से जाते हैं।
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इस मार्ग में कई जगह तीखे मोड़ हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। शिमला-धर्मशाला फोरलेन परियोजना के निदेशक विक्रम मीणा ने कहा कि इस मार्ग को अब डबललेन करने की कोई योजना नहीं है। हमारा लक्ष्य सिर्फ फोरलेन बनाने पर है।