रोहतांग दर्रा पर डीजल वाहनों को ले जाने पर रोक से पर्यटन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। रोहतांग दर्रा और इसके आसपास लगातार बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक मई से यह रोक लगाई है। एसडीएम मनाली विनय सिंह धीमान ने बताया कि वशिष्ठ, मनाली और गुलाबा में बैरियर लगाने के आदेश ट्रिब्यूनल ने दिए हैं। हालांकि, एचआरटीसी बसों, सेना के वाहनों के अलावा लाहौल, लेह और लद्दाख तक जाने वाले मालवाहक डीजल वाहनों को छूट है। उधर, मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान और कुल्लू मनाली पर्यटन विकास मंडल के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने बताया कि इस फैसले से मनाली के पर्यटन व्यवसाय को झटका लगा है।
वे भी पर्यावरण के बारे में चिंतित हैं, लेकिन मनाली सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों लोगों को बेरोजगार होना पडे़गा। लग्जरी कोच यूनियन के प्रधान राजकुमार डोगरा ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले से चिंता बढ़ गई है। हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के प्रधान पूर्ण चंद ठाकुर ने बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।