विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा कदम उठाया है। स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे रोहतांग को प्रदूषण मुक्त, पिघलते ग्लेशियरों की रोकथाम और सीएनजी स्टेशन निर्माण के लिए हिमाचल सरकार को वित्तीय सहायता मुहैया करवाए।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि रोहतांग में पिघल रहे ग्लेशियरों को बचाने में केंद्र और राज्य सरकार जल्द हर संभव प्रयास करें। स्वच्छ पर्यावरण मुहैया कराना दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि वे 10 सीएनजी बसों के लिए ऑर्डर दे चुके हैं।
लेकिन टाहलीवाल और मनाली में सीएनजी स्टेशन बनाने के लिए अतिरिक्त 17.5 करोड़ रुपये का खर्च है। फंड की कमी है। इसे वे वहन नहीं कर सकते। सरकार ने इसकी स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की। इससे पहले बूस्टर स्टेशन स्थापित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की कोई मदद न करने की योजना न होने की दलील को एनजीटी ने खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
'अगले सीजन तक तैयार करो सीएनजी बस स्टेशन'
रोहतांग
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वहीं, बेंच ने अपने निर्देश में हिमाचल सरकार को कहा है कि सीएनजी बस स्टेशन अगले सीजन तक तैयार हो जाना चाहिए। वहीं, मनाली में बूस्टर स्टेशन बनाने के संबंध में एनजीटी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार पर्यावरण मंत्रालय को इस संबंध में एक हफ्ते के भीतर आवेदन दे। मंत्रालय को आवेदन का निपटारा दो हफ्तों में करना होगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय और गेल को सहयोग का निर्देश- बेंच ने पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के सीएनजी स्टेशन बनाने संबंधी काम में 17.5 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग प्रदान करे। बेंच ने पेट्रोलियम मंत्रालय
को हिमाचल प्रदेश और गेल गैस लिमिटेड (जीजीएल) के साथ एक हफ्ते में बैठक कर इस मामले पर अंतिम निर्णय लेने और आदेश अनुपालन संबंधी रिपोर्ट तत्काल दाखिल करने का निर्देश दिया है। बेंच ने कहा कि संयुक्त जिम्मेदारी के तहत हमें उम्मीद है कि पेट्रोलियम मंत्रालय हिमाचल के वित्तीय सहयोग संबंधी आवेदन पर विचार करेगा।
इलेक्ट्रिक बसों पर तैयार सरकार, 12 अप्रैल को मीटिंग- हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा कि वे 25 फीसदी खर्च के साथ 25 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए भी तैयार हैं। रोहतांग दर्रा सीजन के बाद इन्हें अन्य रूटों पर भी चलाया जाएगा। इस संबंध में बेंच ने
भारी उद्योग मंत्रालय को कहा है कि वे इस संबंध में 12 अप्रैल को मीटिंग कर निविदा के लिए अंतिम निर्णय ले। इलेक्ट्रिक बसों के प्रोजेक्ट में 75 फीसदी वित्तीय सहयोग केंद्र सरकार देगी। बेंच ने कहा इस मीटिंग के बाद हिमाचल सरकार दो हफ्तों के भीतर बसों की खरीद संबंधी निविदा प्रकाशित करेगी।
पलचान से रोहतांग तक रोप-वे तैयार करने का निर्देश
कोर्ट
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बेंच ने पलचान से रोहतांग तक रोप-वे तैयार करने वाले परियोजना प्रस्तावक को निर्देश दिया है कि वह जल्द इस काम को पूरा करके अनुपालना रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में दाखिल करे। बेंच ने कई चरणों में तय इस काम की मौजूदा स्थिति के लिए कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर,
मनाली के एसडीएम और एसपी को साइट का निरीक्षण कर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इसमें चेकपोस्ट, ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम जैसे पहलुओं को भी शामिल करना होगा। बेंच ने कहा कि इस रिपोर्ट के बाद ही आने वाले सीजन में रोहतांग दर्रा के लिए वाहनों के आवागमन की संख्या का निर्धारण होगा।
बेंच ने पूछा कितने स्नो-स्कूटर हैं पेट्रोल चालित- बेंच ने कहा कि संबंधित कमेटी स्नो-स्कूटर्स की भी जांच करेगी। कमेटी को बताना होगा कि कितने स्नो-स्कूटर्स पेट्रोल और बैट्री चालित हैं। साथ ही इनकी इंजन क्षमता टू-स्ट्रोक है या फोर-स्ट्रोक। इसके अलावा विजिटर्स के लिए बंद रोहतांग दर्रा में अस्थायी शौचालयों को संचालित करने के संबंध में भी बेंच ने रिपोर्ट मांगी है।