अध्यापक पात्रता परीक्षा उम्र भर के लिए मान्य करने को लेकर नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन ने राज्यों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते सप्ताह शिक्षक पात्रता परीक्षा में बदलाव को मंजूरी देते हुए इसे उम्र भर के लिए मान्य करने का फैसला लिया था। अभी तक सात वर्ष के लिए ही टेट पास उम्मीदवार नौकरी के लिए पात्र थे। केंद्र सरकार से मिली छूट के बाद अब बार-बार टेट पास नहीं करना पड़ेगा।
11 फरवरी 2011 के बाद टेट पास करने वालों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। प्रदेश के लाखों लोग इस फैसले से लाभान्वित होंगे। हिमाचल प्रदेश में इस फैसले को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी लेने के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। अभी तक टेट पास करने पर उम्मीदवार सात वर्ष तक नौकरी के लिए पात्र होता था। इसके बाद उसे शिक्षक बनने के लिए दोबारा परीक्षा देनी पड़ती थी। केंद्र और राज्य एनसीटीई नियमों से टेट करवाते हैं। केंद्र सरकार के लिए सीबीएसई और राज्य अपनी परीक्षा खुद करवाते हैं।
सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टेट पास करना अनिवार्य है। अब तक एक बार परीक्षा पास करने से सर्टिफिकेट के आधार पर सात साल के अंदर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते थे। अब नए नियम के तहत एक बार परीक्षा पास करने पर उम्र भर के लिए पात्रता मिलेगी। सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को होगा। दरअसल, शादी और बच्चों के चलते वे नौकरी छोड़ देती थीं। अब दोबारा आसानी से नौकरी पा सकेंगी। नई शिक्षा नीति के लागू होते ही शिक्षक बनने के लिए टेट पास करना सभी के लिए अनिवार्य हो गया है।